हरियाणा में सेल्फी के चक्कर में इकलौते बेटे की मौत,VIDEO:मसाला कंपनी की 4 मंजिला बिल्डिंग से गिरा; एक दिन पहले बर्थडे मनाया था
हरियाणा के सोनीपत में एक युवक सेल्फी लेने के चक्कर में 4 मंजिला बिल्डिंग से नीचे गिर गया। बिल्डिंग की चौथी मंजिल से गिरते ही उसकी मौत हो गई और मोबाइल भी हाथ से छिटक गया। युवक राई औद्योगिक क्षेत्र की एक कंपनी में इंटर्नशिप कर रहा था। 2 दिन बाद ही उसकी ट्रेनिंग पूरी होने वाली थी। जिसके बाद उसे अपने घर भिवानी लौटना था। कंपनी में बिताए दिनों को यादों के तौर पर सहेजने के लिए वह 15 जुलाई की दोपहर अपने दोस्त के साथ सेल्फी लेने चौथी मंजिल पर गया था। दोस्त के मुताबिक वह भी साथ में गया था लेकिन ऊंचाई देखकर वह डर गया और नीचे आ गया। इसी दौरान दोस्त की कॉल आई। जिसके कुछ देर बाद उसे हादसे की जानकारी मिली। इस घटना की CCTV फुटेज भी सामने आई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। साथ ही मृतक के दोस्त और परिजनों के बयान भी दर्ज किए है। युवक अपने परिवार का इकलौता बेटा था। युवक ने एक दिन पहले ही अपना जन्मदिन बनाया था। 47 सेकेंड का वीडियो, नीचे गिरा साकेत, किसी ने मदद नहीं की.... पुलिस के हवाले से जानिए कैसे हुआ हादसा... कंपनी के मैनेजर ने कुछ भी बोलने से मना किया
जांच अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस ने शव को नागरिक अस्पताल भिजवाया और परिजनों के बयान दर्ज किए। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को परिवार को सौंप दिया गया। शुरुआती जांच में युवक साकेत के सेल्फी के चक्कर में चौथी मंजिल से नीचे गिरने की बात सामने आई है। परिजनों ने भी कोई और कारण नहीं बताया है और न ही कोई शिकायत दी है। फिलहाल, मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उधर, कंपनी के मैनेजर ने इस मामले में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। पिता ने कंपनी पर लगाए लापरवाही के आरोप
पिता बलवीर ने बताया कि जब कोई बच्चा किसी कंपनी में पहली बार जाता है तो उसे कंपनी द्वारा ही अनुशासन सिखाया जाता है। यहां तक कि उन्हें सुरक्षा के इंतजाम का भी ध्यान रखा जाता है। मगर, कंपनी में ड्यूटी के वक्त साकेत की सुरक्षा को लेकर लापरवाही की गई है। पिता ने कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। युवक साकेत के बारे में जानिए.... परिवार को रो-रोकर बुरा हाल
युवक साकेत के पिता बलबीर सब्जी बेचकर परिवार चलाते है, जबकि मां गृहिणी है। पिता का कहना है कि वे प्रतिदिन सब्जी की रेहड़ी लगाते है। अपने बेटे की पढ़ाई एक-एक पैसा जोड़कर करवाई थी। उम्मीद थी कि पढ़ लिख कर बेटा परिवार चलाने में हाथ बंटाएगा। बेटे ने बताया था कि 18 जुलाई को इंटर्नशिप खत्म हो जाएगी, फिर घर आ जाऊंगा। बलबीर ने बताया कि सोनीपत जाने से पहले साकेत उनका सब्जी बेचने में हाथ बंटाता था। तीन साल पहले वे पहले राजमिस्त्री का काम करते थे, लेकिन बाद में सब्जी बेचना शुरू किया था।
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