हरियाणा के ट्रांसपोर्टर के 3 वीडियो वायरल:बंद कमरे में शराब पार्टी, अश्लील डांस, 2 की पिटाई; रोहतक, गुरुग्राम-हिसार में 9 FIR में आरोपी

हरियाणा के ट्रांसपोर्टर के 3 वीडियो वायरल:बंद कमरे में शराब पार्टी, अश्लील डांस, 2 की पिटाई; रोहतक, गुरुग्राम-हिसार में 9 FIR में आरोपी
हरियाणा के रोहतक में एक चर्चित ट्रांसपोर्टर के 3 वीडियो वायरल हुए हैं। इनमें एक वीडियो में वह बंद कमरे में अश्लील डांस करता हुआ नजर आ रहा है। उसके साथ 8 लोग हैं, जिसमें 2 महिलाएं जैसी दिख रही हैं। इस दौरान खुलेआम शराब पार्टी हो रही है और तेज आवाज में म्यूजिक बज रहा है। इसके अलावा ट्रांसपोर्टर का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें वह 2 लोगों को लाठी से पीटते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो में दिखाई दे रहा ट्रांसपोर्टर आनंद अत्री बताया जा रहा है। आनंद पर हरियाणा के अलग-अलग थानों में अब तक 9 मामले दर्ज हैं। कुछ दिन पहले ही उसने RTA ऑफिस में अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए एक वीडियो वायरल किया था। इसे लेकर RTA ऑफिस की तरफ से शिवाजी कॉलोनी थाने में आनंद अत्री के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया था। उसमें आरोप लगाया गया था कि आनंद ने दफ्तर में घुसकर हंगामा किया और अधिकारियों और कर्मचारियों से दुर्व्यवहार किया। अब उसका ही अश्लील डांस का वीडियो वायरल हुआ है। यह वीडियो कब का है और किसने वायरल किया, इस बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है। दैनिक भास्कर इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता। जानिए वीडियो में क्या-क्या दिखाई दे रहा... ट्रांसपोर्टर ​​​​अत्री का विवादों से नाता... आनंद अत्री की अग्रिम जमानत याचिका हो चुकी खारिज शिवाजी कॉलोनी थाना एसएचओ राकेश सैनी ने बताया कि आरटीओ विभाग में ऑपरेटर प्रवेश की शिकायत पर ट्रांसपोर्टर आनंद अत्री के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। आनंद अत्री ने जिला कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका लगा रखी थी, जिसे कोर्ट ने कल खारिज कर दिया है। आनंद अत्री को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। कोर्ट ने कहा- गुंडागर्दी का सहारा लिया रोहतक के एडिशनल सेशन जज अनिल कौशिक ने आनंद अत्री की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि इस कोर्ट का सुविचारित दृष्टिकोण यह है कि आरोपी का पिछला जीवन उसके कार्य और आचरण के बारे में बहुत कुछ बोलता है। इस समय आरोपी पर विभिन्न थानों में 8- 9 मुकदमे लंबित हैं और उसने दोबारा से उसी गुंडागर्दी का सहारा लेकर एक सरकारी कर्मचारी को धमकाने की कोशिश की है। अगर उसे RTA कार्यालय से कोई शिकायत थी तो उसे उचित मंच पर कार्रवाई शुरू करनी चाहिए थी लेकिन किसी को भी कानून अपने हाथ में लेकर सरकारी कर्मचारी को ध्वस्त करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। आरोपी ना ही तो सरकारी अधिकारी है और ना ही उसके पास कोई अधिकार है कि वो एक सरकारी कर्मचारी के साथ इस कदर बदतमीजी करे जैसे इस वीडियो में दिखाया गया है। इसके अलावा आरोपी का पिछला जीवन कोई ज्यादा भरोसा नहीं दिलाता कि वह इस तरह का अपराध भविष्य में दोबारा नहीं करेगा। दूसरा, इसलिए इस कोर्ट का सुविचारित दृष्टिकोण यह है कि अग्रिम जमानत की राहत एक असाधारण राहत है जो किसी ऐसे व्यक्ति को प्रदान नहीं की जा सकती जो आदतन अपराधी हो और विभिन्न गुंडागर्दी के अपराधों में संलिप्त हो। इसलिए इस आरोपी की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज की जाती है।