मैहर में 22 घंटे की बारिश से नदियां उफान पर:मां शारदा मंदिर मार्ग समेत कई इलाकों में जलभराव, लीलजी और तमस नदी उफान पर

मैहर में 22 घंटे की बारिश से नदियां उफान पर:मां शारदा मंदिर मार्ग समेत कई इलाकों में जलभराव, लीलजी और तमस नदी उफान पर
मैहर में पिछले 22 घंटों से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लीलजी और तमस नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। मां शारदा मंदिर मार्ग पर चार फीट तक पानी भर गया। इससे श्रद्धालुओं का आवागमन पूरी तरह रुक गया। विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी, कलेक्टर रानी बाटड़ और पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। प्रशासन द्वारा पानी निकासी की व्यवस्था के बाद मंदिर मार्ग पर आवागमन शुरू हुआ। वनविभाग कार्यालय और रेलवे स्टेशन के बाहर भी पानी भर गया है। यात्रियों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मैहर-उचेहरा मार्ग पर लीलजी नदी का पानी सड़क पर बह रहा है। ग्राम अमिलिया से उचेहरा मार्ग पर तमस नदी का पानी 15 फीट ऊंचे पुल से भी ऊपर बह रहा है। मैहर जिले में 1 जून से 11 जुलाई 2025 तक 363.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। अमरपाटन तहसील में 402 मिमी, मैहर में 296.3 मिमी और रामनगर में 392 मिमी वर्षा हुई है। जिले की सामान्य औसत वर्षा 919.7 मिमी है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 217.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई थी।