पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी पर उम्रकैद होगी:AAP सरकार ने नया बिल पेश किया, चारों धर्मों के ग्रंथ शामिल; पहले 3 साल की सजा थी
पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को लेकर विधानसभा में बिल पेश कर दिया है। इसके मुताबिक अगर कोई किसी भी धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी (अपमान) करता है तो उसे 10 साल की कैद से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। इस कानून में धार्मिक ग्रंथों में सिखों के श्री गुरु ग्रंथ साहिब के साथ हिंदुओं की श्रीमद्भागवत गीता, मुस्लिमों की कुरान शरीफ और ईसाई धर्म की बाइबल को भी शामिल किया गया है। पंजाब सरकार ने इसे पंजाब पवित्र ग्रंथ बिल-2025 का नाम दिया है। CM भगवंत मान ने यह बिल पेश किया। इस बिल पर अब कल होने वाले पंजाब विधानसभा के चौथे व आखिरी दिन के सत्र में चर्चा होगी। चूंकि पंजाब में आम आदमी पार्टी के पास 117 में से 93 विधायक हैं, ऐसे में बिल पास होना तय है। हालांकि इस बिल को कानूनी रूप तभी मिलेगा, जब राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद राष्ट्रपति के स्तर पर इसे मंजूरी मिल सके। कठिनाई में राज्य सरकार स्पष्टीकरण देगी अभी सिर्फ 3 साल कैद का प्रावधान
धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को लेकर IPC में पहले 295 धारा था, जिसमें 2014 में संशोधन कर 295A बनाया गया। इसे अब BNS में 295A के तहत रखा गया है। धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी में इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का दोषी माना जाता है। इसके तहत 3 साल कैद और जुर्माना या फिर दोनों सजा का प्रावधान है। विधानसभा की कार्यवाही के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए...
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