कृषि मंत्री शिवराज बाढ़ग्रस्त इलाकों में पहुंचे:किसानों से फसलों का हाल जान रहे; बोले- 2 केंद्रीय टीमें नुकसान का आकलन कर रहीं

कृषि मंत्री शिवराज बाढ़ग्रस्त इलाकों में पहुंचे:किसानों से फसलों का हाल जान रहे; बोले- 2 केंद्रीय टीमें नुकसान का आकलन कर रहीं
बारिश और बाढ़ से बिगड़े हालात का जायजा लेने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज पंजाब दौरे पर हैं। अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद केंद्रीय मंत्री बाढ़ प्रभावित क्षेत्र अजनाला पहुंचे। यहां वह किसानों से मिले। किसानों ने उन्हें खराब हुई फसलों के बारे में बताया। उनके साथ कांग्रेस सांसद गुरजीत औजला और BJP जनरल सेक्रेटरी तरुण चुग मौजूद रहे। इससे पहले केंद्रीय मंत्री से अमृतसर हवाई अड्‌डे पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मुलाकात की और 5 राज्यों में नुकसान की रिपोर्ट सौंपी। इनमें अमृतसर, पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन और फिरोजपुर शामिल हैं। इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें पंजाब भेजा है, ताकि वह जमीनी हालात का सीधा आकलन कर सकें। इसके बाद वह बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करने रवाना हुए। शिवराज ने कहा कि पंजाब हमेशा देश की सेवा में सबसे आगे रहा है। आज जब राज्य बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहा है, तब केंद्र सरकार हर संभव मदद करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में केंद्र सरकार पंजाब के साथ खड़ी है। कृषि मंत्री ने बताया कि केंद्र की दो टीमें पहले ही पंजाब पहुंच चुकी हैं। ये टीमें अलग-अलग विभागों के अधिकारियों के साथ नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करेंगी, जिसे प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा। शिवराज के दौरे के PHOTOS... शिवराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही ये 4 अहम बातें... 3 तस्वीरों में देखें, पंजाब में क्या बने हालात 23 जिलों में बाढ़ का असर, 1655 गांव डूबे पंजाब में अमृतसर से लेकर तरनतारन तक कुल 23 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, फिरोजपुर, फाजिल्का, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, मोगा, पठानकोट, पटियाला, रूपनगर, नवांशहर, मोहाली, संगरूर और मुक्तसर शामिल हैं। राज्य के 1655 गांवों में पानी भर गया है। अमृतसर के 390, गुरदासपुर के 324, बरनाला के 37, बठिंडा के 13, फिरोजपुर के 111, होशियारपुर के 121, कपूरथला के 178, लुधियाना के 216 और मानसा के 114 गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इसके अलावा पटियाला के 29, रूपनगर के 3 और तरनतारन के 70 गांवों में भी पानी घुसा हुआ है। 3.55 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित कुल 3,55,709 से अधिक लोग अब तक प्रभावित हो चुके हैं। सबसे ज्यादा असर अमृतसर (1,75,734), गुरदासपुर (1,45,006) और फाजिल्का (21,526) में देखने को मिला है। इसके अलावा फिरोजपुर, कपूरथला, मोगा, संगरूर और मोहाली में भी हजारों लोग संकट में हैं इसके साथ ही अब तक 12 जिलों में 37 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें अमृतसर (4), बरनाला (5), बठिंडा (3), होशियारपुर (7), जालंधर (9), कपूरथला (3), पठानकोट (5) और संगरूर (1) शामिल हैं।पठानकोट जिले से 3 लोग लापता हैं। वहीं पशुधन हानि का सटीक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन बड़ी संख्या में पशु बाढ़ की चपेट में आए हैं। 19,474 लोगों को सुरक्षित निकाला गया कुल 19,474 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निकाला गया है। इनमें अमृतसर से 2734, बरनाला से 389, बठिंडा से 290, होशियारपुर से 3451, कपूरथला से 5615, जालंधर से 1428, मोगा से 195, रूपनगर से 615, पठानकोट से 1139 और तरनतारन से 1234 लोग शामिल हैं।राज्यभर में 167 राहत शिविर सक्रिय हैं, जिनमें अमृतसर, बरनाला, बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, मोगा, मोहाली, पठानकोट, पटियाला, रूपनगर, संगरूर और एसएएस नगर शामिल हैं।इन शिविरों में 1557 लोग रह रहे हैं। अमृतसर में 381, बरनाला में 390, फरीदकोट में 796, कपूरथला में 57, मानसा में 15, मोगा में 3, तरनतारन में 10 और पठानकोट में 47 लोग ठहरे हुए हैं।सरकार ने कहा है कि नुकसान का वास्तविक आकलन पानी उतरने के बाद ही संभव होगा, लेकिन अभी तक जनहानि, पशुधन और मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। ----------------- ये खबर भी पढ़ें... बाढ़ के हालात जानने कृषि मंत्री पहुंचे, अमृतसर-गुरदासपुर में रावी चढ़ रही, सतलुज ने PAK चौकी डुबाई पंजाब में बाढ़ से हालात अब भी गंभीर हैं। अमृतसर, गुरदासपुर और फिरोजपुर के कई गांवों में रावी और सतलुज का पानी चढ़ा हुआ है। अमृतसर के 140 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। सतलुज का पानी फिरोजपुर के पल्ला मेघा गांव के पास सीमा पार पाकिस्तान के गांव और पुलिस चौकी तक पहुंचा है। यहां तटबंध टूटने का भी खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने मानसा, संगरूर और बरनाला जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। आसपास के इलाकों में भी हल्की बारिश की संभावना है, जिससे राहत कार्यों में मुश्किल बढ़ सकती है। (पढ़ें पूरी खबर)