8 जिलों से 97 दिन बाद मानसून लौटा:बाढ़-बादल फटने और लैंडस्लाइड से भारी तबाही; 30 साल का रिकॉर्ड टूटा

8 जिलों से 97 दिन बाद मानसून लौटा:बाढ़-बादल फटने और लैंडस्लाइड से भारी तबाही; 30 साल का रिकॉर्ड टूटा
हिमाचल में भारी तबाही मचाने के बाद मानसून 97 दिन बाद लौट गया है। प्रदेश के 8 जिले चंबा, कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन, सिरमौर और मंडी में मानसून ने अलविदा कह दिया है। इसी तरह कुल्लू, शिमला और लाहौल स्पीति के कुछेक क्षेत्रों से भी आज मानसून विदा हो गया है। पूरे प्रदेश से अगले दो से तीन दिन में मानसून पूरी तरह विड्रा हो जाएगा। प्रदेश से मानसून विड्रा होने की नॉर्मल डेट 25 सितंबर है। इस बार एक दिन पहले मानसून विड्रा हुआ है और 20 जून को हिमाचल के भागों में मानसून ने दस्तक दी थी। मौसम विभाग के अनुसार, इस मानसून सीजन में 1023 मिलीमीटर बादल बरस चुके हैं। प्रदेश में बीते 30 सालों में इतनी बारिश कभी नहीं हुई। इससे पहले, 1995 में यानी 31 साल पहले जरूर 1029 मिलीमीटर बारिश हुई है। हालांकि, अभी हिमाचल से मानसून की वापसी नहीं हुई। ऐसे में इस मानसून सीजन में 1995 का रिकॉर्ड टूटने की संभावना जरूर है। मगर अगले चार पांच दिनों के दौरान बारिश का पूर्वानुमान नहीं है। मानसून सीजन में नॉर्मल से 43% अधिक बारिश मौसम विभाग के अनुसार, इस मानसून सीजन (1 जून से 23 सितंबर) के बीच सामान्य से 43 प्रतिशत अधिक बादल बरसे हैं। इस अवधि में 717.6 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है, लेकिन इस बार 1023.4 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। मंडी में सबसे ज्यादा 1910.5 मिलीमीटर बारिश मंडी जिला में सबसे ज्यादा 1910.5 मिलीमीटर बारिश हुई। मंडी के बाद कांगड़ा में भी 1900.2 मिलीमीटर और सिरमौर में 1613.0 मिलीमीटर बारिश हुई। नॉर्मल बारिश की तुलना में शिमला में सामान्य से 101 और कुल्लू में 100 प्रतिशत ज्यादा बरसात हुई है। 4861 करोड़ रुपए की सरकारी व प्राइवेट संपत्ति नष्ट प्रदेश में भारी बारिश की वजह से 4861 करोड़ रुपए की सरकारी व प्राइवेट संपत्ति नष्ट हो चुकी है। मानसून सीजन में 451 लोगों की जान गई है। इनमें से 82 लोगों की जान लैंडस्लाइड, बाढ़ और बादल फटने से गई है, जबकि 47 लोग लंबे समय से लापता है। कल से पूरे प्रदेश में साफ होगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश से अगले एक-दो दिन में मानसून की विदाई हो सकती है। कल से पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है।