हिसार में 11 दिन बाद दलित युवक का अंतिम संस्कार:डीजे विवाद में हुई थी मौत; मंत्री कृष्ण बेदी धरने पर पहुंचे, FIR की कॉपी सौंपी
हिसार में दलित युवक गणेश की मौत मामले में 11 दिन बाद हरियाणा सरकार को झुकना पड़ा। लगातार बढ़ते दबाव और विरोध प्रदर्शन के बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सैनी ने चंडीगढ़ में पीड़ित परिवार और समाज की कमेटी से मुलाकात की। बैठक में कमेटी ने पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने समेत 5 मांगें रखीं, जिन्हें सरकार ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद मंत्री कृष्ण बेदी हिसार के नागरिक अस्पताल पहुंचे और परिवार को अपने हाथों से एफआईआर की कॉपी सौंपी। FIR मिलने के बाद परिवार और समाज ने धरना समाप्त किया और मृतक गणेश का अंतिम संस्कार कर दिया गया। गौरतलब है कि एक दिन पहले राहुल गांधी ने ट्वीट कर भाजपा सरकार पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया था, जिसके बाद प्रदेशभर में विरोध तेज हो गया था। पहले पुलिस ने खुद को निर्दोष बताया था, लेकिन अब सरकार ने अपना रुख बदलते हुए जांच का भरोसा दिलाया है। मंत्री कृष्ण कुमार ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कृष्ण बेदी ने करवाई सरकार व परिवार के बीच मध्यस्थता
वीरवार सुबह मृतक गणेश का पिता विक्रम, चाचा दिनेश और प्रतिनिधिमंडल के सदस्य कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी से मिलने के लिए गए। वहां पर उनकी काफी देर तक बातचीत हुई। उसके बाद कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी के साथ मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात की। मांगों पर सहमति बनने के बाद कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने बताया कि परिवार और कमेटी की मांग पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। परिवार के एक सदस्य को किसी तरह के रोजगार देने की मांग भी मानी। शव का पोस्टमॉर्टम डाक्टरों के बोर्ड की तरफ से करवाया जा चुका हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि कांग्रेस मामले में राजनीति कर रही है, जबकि उनके कार्यकाल में मिर्चपुर और गोहाना जैसे कांड हुए थे। एडीजीपी पुलिस कर्मचारियों को निर्दोष बता चुके वहीं एक दिन पहले गुरुवार को हिसार में एडीजीपी केके राव ने बर्थडे पार्टी के दौरान DJ को लेकर विवाद में गणेश की मौत मामले में पुलिस को पाक साफ बताया था और कहा था कि पुलिस किसी भी जांच के लिए तैयार है। केके राव ने कहा था कि पुलिस इस मामले में लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए भी तैयार है। इस प्रकरण में पुलिस की रक्षात्मक और आत्मरक्षा की भूमिका थी। पुलिस बर्थ डे पार्टी में रात 10 बजे के बाद डीजे को बंद करवाने गई थी। तेज आवाज से आस पड़ोस के लोग प्रभावित होते हैं। जैसा कि वीडियो में दिख भी रहा है कि पुलिस पर किस तरह से हमला किया गया। पुलिस के मोबाइल छीने गए और गालियां तक निकाली गई।
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