मानसून सत्र पर सर्वदलीय बैठक जारी:नड्डा-जयराम रमेश समेत सभी पार्टियों के नेता पहुंचे, सरकार की सभी दलों से सहयोग की अपील
संसद के मानसून सत्र से ठीक एक दिन पहले आज सभी दलों की बैठक हो रही है। केंद्र सरकार की ओर से सर्वदलीय बैठक कराने का मकसद सत्र के दौरान संसद को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी दलों से सहयोग लेना है। सरकार की ओर से बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू समेत कई वरिष्ठ मंत्री पहुंचे हैं। इसके अलावा NDA और विपक्ष के विभिन्न दलों के नेता और उनके संसद में दलों के प्रमुख भी मौजूद हैं। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब विपक्ष कई अहम मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। सरकार का प्रयास है कि सत्र शांतिपूर्वक चले और जरूरी विधायी कामकाज बिना रुकावट के हो सके। मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 21 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान कई महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा और पास करने का काम किया जाएगा। सरकार चाहती है कि इस सत्र में बिना किसी रुकावट के जरूरी विधायी काम पूरे हों। सर्वदलीय बैठक की तस्वीरें... सरकार मानसून सत्र में 8 बिल पेश करेगी केंद्र सरकार मानसून सत्र में 8 विधेयक (बिल) पेश करने जा रही है। इनमें देश की भू-विरासत और पुराने अवशेषों की सुरक्षा से जुड़ा एक अहम बिल भी शामिल है। जो विधेयक लाए जाएंगे, उनमें राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, भू-विरासत स्थल और भू-अवशेष (संरक्षण और रखरखाव) विधेयक, खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी (संशोधन) विधेयक प्रमुख हैं। 18 जुलाईः मानसून सत्र पर I.N.D.I.A. की ऑनलाइन बैठक संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले शनिवार को I.N.D.I.A. गठबंधन की पार्टियों ने ऑनलाइन मीटिंग की। इसमें 24 दलों के नेता शामिल हुए। इस दौरान संसद में सरकार के खिलाफ एकजुट होकर मुद्दे उठाने की रणनीति बनाई गई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और सीपीआई (एमएल) के नेता दीपंकर भट्टाचार्य भी मौजूद थे। नेताओं ने तय किया कि संसद में वे एकजुट रहेंगे और सरकार से तीखे सवाल पूछेंगे। नेताओं ने एकमत होकर 8 प्रमुख मुद्दे तय किए हैं। इनमें पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर, डोनाल्ड ट्रंप का सीजफायर करवाने का बयान, बिहार में SIR, विदेश नीति (पाकिस्तान, चीन, गाजा), डिलिमिटेशन का सवाल और दलित, आदिवासी, पिछड़े, महिला व अल्पसंख्यक वर्गों पर हो रहे अत्याचार शामिल हैं। इसके अलावा विपक्ष अहमदाबाद प्लेन हादसे जैसे अन्य मामलों पर भी सरकार से जवाब मांगेगा। बैठक में नेताओं ने कहा कि वे चाहते हैं संसद सुचारू रूप से चले, लेकिन मोदी सरकार को इन विषयों पर जवाब देना ही होगा। बिहार वोटर लिस्ट पर विपक्ष एकजुट विपक्ष संसद के मानसून सत्र में बिहार में मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन- SIR) को लेकर बड़े राजनीतिक संग्राम की तैयारी में जुट गया है। इस मुद्दे पर INDIA गठबंधन की पार्टियां एकजुट हो गई हैं और कांग्रेस की अगुआई में चुनाव आयोग के बहाने सरकार को घेरने की रणनीति बना रही हैं। सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और तृणमूल कांग्रेस कार्यस्थगन प्रस्ताव लाने की तैयार कर रही हैं। यह एक संसदीय प्रक्रिया है जिसका उपयोग सदन में किसी अहम मामले पर तत्काल चर्चा करने के लिए कार्यवाही स्थगित करने के लिए किया जाता है। सरकार की सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए आम सहमति बनाने की कोशिशों के बावजूद बिहार की चुनावी सियासत बड़ी बाधा बन सकती है। सरकार के लिए राहत की बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने SIR पर रोक नहीं लगाई है। अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी। सरकार मामला कोर्ट में विचाराधीन होने की ढाल लेकर सदन में पहुंचेगी। पिछले सेशन में संसद का काम-काज 47 दिन पहले हुई थी मानसून सत्र की घोषणा
संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हो रहा है। इसकी घोषणा 47 दिन पहले ही कर दी गई थी। आमतौर पर सत्र शुरू होने की जानकारी एक हफ्ता या 10 दिन पहले दी जाती है। इतने समय पहले सत्र की घोषणा करने का कारण यह था कि विपक्ष उस समय ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रहा था। मानसून सत्र की तारीख सामने आने पर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा था कि सरकार ने विशेष सत्र की मांग से ध्यान भटकाने के लिए अचानक मानसून सत्र की घोषणा की है। भारत के इतिहास में कभी भी 47 दिन पहले सत्र की घोषणा नहीं हुई। उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री विशेष सत्र से तो भाग सकते हैं, लेकिन मानसून सत्र से नहीं। हम विशेष सत्र की मांग कर रहे हैं ताकि पहलगाम आतंकी हमले पर चर्चा हो सके। आतंकियों को अब तक सजा क्यों नहीं मिली। ऑपरेशन सिंदूर पर जानकारी दे सकती है सरकार ------------------------------------------------------- मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 12 अगस्त तक, रिजिजू बोले- ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा को तैयार संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 12 अगस्त तक चलेगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 4 जून को नई दिल्ली में इसकी जानकारी दी। किरेन रिजिजू ने कहा- सरकार नियमों के तहत सत्र में किसी भी विषय पर चर्चा को तैयार हैं। साथ ही बताया कि सत्र के दौरान जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश हो सकता है। पूरी खबर पढ़ें...
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