मणिपुर में 86 हथियार और 974 गोला-बारूद जब्त:सेना-पुलिस का 5 जिलों में सर्च ऑपरेशन; एक हफ्ते में 10 उग्रवादी भी पकड़े गए
मणिपुर में सेना और पुलिस ने मंगवार सुबह जॉइंट ऑपरेशन में 86 हथियार और 974 गोला-बारूद जब्त किए। ये ऑपरेशन इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट, थौबल, काकचिंग और विष्णुपुर में चलाया गया। सुरक्षाबलों की राज्य में पिछले एक हफ्ते से सर्चिंग जारी है। इससे पहले 7 जुलाई से 14 जुलाई तक चलाए गए ऑपरेशन में 10 उग्रवादियों को पकड़ा गया था। ये सर्चिंग पांच जिलों में की गई थी। इस दौरान सेना ने 35 हथियार, 11 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), ग्रेनेड और गोला-बारूद भी बरामद किया। राज्य में हथियारों की बरामदगी का यह एक महीने में दूसरा बड़ा मामला है। इससे पहले 15 जून को 328 हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए थे। इनमें सेल्फ लोडिंग राइफल्स (SLR) और इंसास जैसी राइफलें शामिल थीं। पिछले हफ्ते का ऑपरेशन, छापे में क्या मिला.. 8 जुलाई: कांगपोकपी जिले के बिजांग और फोलजांग में 18 हथियार बरामद किए। इसमें एक 5.56 मिमी इंसास राइफल, एक .303 राइफल, पांच बोल्ट एक्शन राइफल, तीन सिंगल बैरल राइफल, दो पुल मेक राइफल और छह मोर्टार शामिल हैं। 9 जुलाई: बिष्णुपुर जिले में उयुंगमाखोंग और त्रोंग्लोबी में तीन हथियार बरामद किए। इसमें एक एके-56 राइफल, एक .303 राइफल, एक डबल बैरल राइफल और गोला-बारूद शामिल है। वहीं टेंग्नौपाल जिले के टी बोंगमोई गांव से तीन हथियार जब्त किए। 9 जुलाई: बिष्णुपुर जिले के डोपकोन के पास बदमाशों की आवाजाही की सूचना के आधार पर तलाशी अभियान चलाया। जहां से एक .303 एलएमजी, दो सिंगल बोर राइफलें, 3.9 किलोग्राम वजन के चार आईईडी मिले। 12 जुलाई: पूर्वी इंफाल जिले के लाईखोंग से एक एके-47, एक कार्बाइन मशीन गन, दो पिस्तौल, दो सिंगल बैरल राइफल, ग्रेनेड, गोला-बारूद पाया गया। मई-जून में 8 जिलों में सर्च ऑपरेशन चलाया था सेना और पुलिस ने 26 मई से 5 जून के बीच सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान कांगपोकपी, थौबल, काकचिंग, तेंगनौपाल, बिष्णुपुर, जिरीबाम, इंफाल पूर्व और इंफाल पश्चिम में जिलों में खुफिया इनपुट के आधार पर छापेमारी हुई। इसमें 23 कैडरों को पकड़ा और 40 हथियार, नौ इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), ग्रेनेड, गोला-बारूद बरामद हुआ। इंफाल पूर्व जिले के चाडोंग में सेना ने कुल 35 किलोग्राम विस्फोटक के साथ 05 IED बरामद किए। 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन, नई सरकार 15 जून तक बनने की संभावना
मणिपुर में 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन है, लेकिन मौजूदा विधानसभा भंग नहीं हुई है। सिर्फ निलंबित है। हालांकि, 30 अप्रैल को 21 विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर राज्य में तत्काल लोकप्रिय सरकार बनाने की मांग की थी। पत्र पर भाजपा के 14 विधायकों ने साइन किए हैं। इसके बाद इंफाल राजभवन में 28 मई को NDA के 10 विधायकों ने राज्यपाल अजय भल्ला से मुलाकात की थी। इनमें से एक विधायक ने भास्कर को बताया था, 'नई सरकार के ढांचे पर चर्चा हुई है। उम्मीद है कि 15 जून तक एक सरकार बन जाएगी।' ------------------------------------------------- मणिपुर हिंसा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... मणिपुर में हिंसा भड़काने में पाकिस्तान का कनेक्शन आया सामने, ISI के निशाने पर कुकी-मैतेई समुदाय मणिपुर में हिंसा भड़काने के पीछे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का कनेक्शन सामने आया है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI इसकी साजिश रच रही है। इसके लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। इसके लिए बाकायदा 15-20 फेसबुक अकाउंट बनाए गए हैं। इसके माध्यम से कुकी और मैतेई समुदाय को भड़काने वाले कंटेंट-वीडियो डाले जा रहे हैं। ऐसे तमाम अकाउंट्स की डिटेल दैनिक भास्कर के पास है। पूरी खबर पढ़ें...
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