पटियाला में कर्नल से मारपीट की जांच CBI करेगी:कर्नल बाठ की याचिका पर सुनाया फैसला, हाईकोर्ट बोला- चंडीगढ़ पुलिस जांच में फेल
भारतीय सेना के कर्नल पुषपिंदर बाठ और उनके बेटे के साथ मार्च में पटियाला में हुई मारपीट के मामले में अब बड़ा मोड़ आ गया है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 16 जुलाई को इस केस की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया है। इससे पहले यह जांच चंडीगढ़ पुलिस को सौंपी गई थी, लेकिन अदालत ने माना कि यूटी पुलिस मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच करने में विफल रही।कर्नल की पत्नी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अदालत का यह फैसला राहत देने वाला है, जब तक आरोपियों काे सजा नहीं होती है, जंग जारी रहेगी क्योंकि अब उम्मीद है कि सच्चाई सामने आएगी। जल्द ही अदालत की ओर से औपचारिक आदेश भी जारी किया जाएगा, जिसमें यह भी स्पष्ट होगा कि सीबीआई को कितने समय में जांच पूरी करनी है। वहीं, पंजाब के फाइनेंस मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जांच का मामला है। जांच होनी चाहिए। पहले परिवार ने चंडीगढ़ पुलिस से मांग की थी। बाकि जांच का आदेश आने के बाद सारी स्थिति साफ पाएगी। केस सीबीआई को ट्रांसफर होने कर्नल की पत्नी ने तीन बातें बोली - 1. थकी हूं,लेकिन हार नहीं मानूंगी कर्नल की पत्नी जसविंदर बाठ ने कहा कि मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। "120 दिन से न्याय के लिए लड़ाई लड़ रही हूं। मैं रास्तों में घूम रही हूं, कभी थानों में, कभी विभागीय अधिकारियों के पास जाती हूं। मैं थक चुकी हूं, लेकिन फिर भी मैं हार नहीं मानूंगी। जब तक इन आरोपियों को सजा नहीं मिलती है। आज जैसे अदालत ने सख्त आदेश दिए हैं, वह राहत देने वाले हैं। पब्लिक को न्याय दिलाने में इस तरह के जजों की जरूरत है।" 2. मतलब आप पर प्रेशर हैं जसविंदर कौर ने का कि हाईकोर्ट के जज ने खुद एसएसपी से पूछा, "आपने चार महीने में आरोपियों को पकड़ा नहीं। चार तारीख को जांच खत्म करनी है। इसका मतलब यह तो नहीं है कि आप तीन तारीख को उन्हें पकड़ेंगे। अगर आपने जांच पूरी करनी है, तो दस दिन में कर सकते हैं। आरोपी 23 तारीख को अग्रिम जमानत पर हैं। आरोपियों ने चार महीने से ड्यूटी जॉइन नहीं की। आप उन्हें पकड़ नहीं रहे हैं। अपराधियों के जुर्म को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। मतलब आप पर कहीं न कहीं से प्रेशर है। आप कहीं न कहीं से मैनेज हो गए हैं।" 3. एफआईआर को माइल्ड कर रहे हो "आप एफआईआर को बोगस और माइल्ड कर रहे हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि 10 तारीख को धारा हटा दी गई। अदालत ने पूछा कि आपने धारा कैसे हटा दी, जबकि आपने आरोपी को पकड़ा था। अब सीबीआई जांच होगी। सारे मामले की कहानी सामने आएगी।" याचिका में मुख्य रूप से तीन दलीलें दी गई थी: 1. इस मामले की एफआईआर दर्ज हुए तीन महीने हो गए हैं, जबकि जांच एसआईटी को ट्रांसफर हुए भी तीन महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी इस मामले में कोई भी आरोपी गिरफ्तार नहीं किया गया है। 2. जब इंस्पेक्टर रोनी की याचिका हाईकोर्ट में लगी थी, उस समय अदालत ने जांच अधिकारी से पूछा था कि क्या आरोपी की याचिका खारिज होती है, तो उसे गिरफ्तार किया जाएगा। इस पर जांच अधिकारी ने हां में उत्तर दिया था। लेकिन अभी तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। 3. कर्नल बाठ वर्तमान में कैबिनेट सचिवालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर तैनात हैं। उन्होंने अपने साथ हुई घटना को अत्यधिक क्रूरता, अहंकार और अमानवीय व्यवहार का उदाहरण बताया है। घटना से ऐसा लगता है कि कानून के रक्षक खुद कानून तोड़ने वाले बन गए हैं। आरोप यह भी है कि पंजाब पुलिस के अधिकारियों के दबाव में चंडीगढ़ पुलिस कार्रवाई नहीं कर पा रही है। हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस को सौंपी थी जांच जानकारी के मुताबिक, यह मामला मार्च महीने में सामने आया था। इसके बाद पंजाब विधानसभा में भी इस मामले को उठाया गया था। वहीं, यह केस पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंचा था। इस दौरान कर्नल बाठ की पत्नी ने मांग की थी कि इस मामले की जांच सीबीआई या किसी अन्य एजेंसी से करवाई जानी चाहिए। अदालत ने सारे तथ्यों पर पड़ताल की थी। इसके बाद यह मामला चंडीगढ़ पुलिस को सौंपा गया था। साथ ही, इस मामले की जांच अगस्त महीने तक पूरी करने के आदेश दिए गए थे। हालांकि करीब एक महीना पहले कर्नल की पत्नी पंजाब के गवर्नर एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से भी मिली थी। कर्नल व उनके बेटे से हुई थी मारपीट पटियाला में 13-14 मार्च की रात को आर्मी कर्नल से मारपीट की गई, तब पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद मामला रक्षा मंत्रालय और आर्मी हेडक्वार्टर पहुंचा तो पुलिस ने 9 दिन बाद बाई नेम FIR दर्ज कर 12 पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया। इसमें 5 इंस्पेक्टर भी शामिल हैं। इसके बाद हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस पुलिस को मामले की जांच सौंपी थी। चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है। एसआईटी घटना स्थल का मुआयना कर आई है। सीन दोबारा रीक्रिएट किया था। इसके अलावा ढाबे के स्टाफ से भी बयान लिए गए है।
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