छात्रा बोली- प्रिंसिपल ने माथे का तिलक मिटवाया:कटनी में कहा- ये मंदिर या आश्रम नहीं, माता–पिता को बुलाकर टीसी ले जाना

छात्रा बोली- प्रिंसिपल ने माथे का तिलक मिटवाया:कटनी में कहा- ये मंदिर या आश्रम नहीं, माता–पिता को बुलाकर टीसी ले जाना
कटनी में सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल ने माथे पर चंदन का तिलक लगाकर पहुंची 11वीं की छात्रा को स्कूल से निकालने की धमकी दे डाली। प्रिंसिपल ने पहले तो तिलक मिटवाया और कहा कि ये मंदिर या आश्रम नहीं है। छात्रा ने यह बात परिजन को बताई। मंगलवार को बच्ची की मां उसे लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ स्कूल पहुंची। उन्होंने प्रिंसिपल रतन भलावे से बात करने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं मिले। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी पृथ्वी पाल से शिकायत की। मामला सोमवार को मुरवारी स्थित आरके गौतम हायर सेकेंडरी स्कूल का है। जिला शिक्षा अधिकारी पृथ्वी पाल का कहना है कि मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। छात्रा बोली- प्रिंसिपल के कहने पर तिलक मिटा दिया छात्रा ने बताया कि वह रोजाना की तरह सोमवार को भी स्कूल गई थी। सुबह पूजा करके माथे पर चंदन का टीका लगाकर पहुंची थी। इसके बाद प्राचार्य रतन भलावे ने उसे अपने कार्यालय में बुलाया। उन्होंने कहा कि ये मंदिर या आश्रम नहीं है, जहां तुम चंदन टीका लगाकर आओ। इसके बाद प्रिंसिपल के कहने पर तिलक मिटा दिया। कहा था- माता-पिता को लेकर आना, टीसी ले जाना छात्रा के मुताबिक तिलक मिटवाने के बाद भी प्रिंसिपल सर का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने कहा- कल अपने माता–पिता को स्कूल लेकर आना। ट्रांसफर सर्टिफिकेट ले जाना। आश्रम में एडमिशन करा लेना। हमारे स्कूल से एक बच्ची निकल जाएगी, तो हमारा कुछ बिगड़ नहीं जाएगा। रोते हुए घर पहुंची, माता-पिता को सारी बात बताई प्रिंसिपल रतन भलावे के इस व्यवहार से छात्रा रोते हुए घर लौट गई। अपने माता-पिता को पूरी घटना बताई। छात्रा के माता-पिता प्रिंसिपल के इस रवैये से बेहद नाराज हुए। उन्होंने प्रिंसिपल रतन भलावे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। छात्रा की मां का कहना है कि हमारी आस्था पर ठेस पहुंची है। ऐसे कृत्य करने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकी भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। प्रिंसिपल बोले- छोटा टीका लगाने के लिए कहा था स्कूल प्रिंसिपल रतन भलावे ने बताया कि बच्ची को क्लास टीचर ने बड़ा तिलक लगाने की जगह छोटा तिलक लगाने के लिए कहा था, जिस पर बच्ची बहस करने लगी। दोनों मेरे पास पहुंचे, तो उसे छोटा तिलक लगाने के लिए समझाइश दी। टीसी ले जाने और आश्रम में एडमिशन कराने वाली बात निराधार है। इस खबर पर आप अपनी राय दे सकते हैं...