गोल्डन टेंपल को उड़ाने की धमकी मामले में 1 डिटेन:नाम प्रयोग कर तमिलनाडु का मामला उठाने की आशंका; फरीदाबाद से दबोचे गया सॉफ्टवेयर इंजीनियर

गोल्डन टेंपल को उड़ाने की धमकी मामले में 1 डिटेन:नाम प्रयोग कर तमिलनाडु का मामला उठाने की आशंका; फरीदाबाद से दबोचे गया सॉफ्टवेयर इंजीनियर
अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल को बम से उड़ाने की धमकियों के मामले पुलिस ने फरीदाबाद से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर डिटेन किया है। जिसकी पहचान फरीदाबाद निवासी शुभम दूबे के तौर पर हुई है। जिसे अमृतसर लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने जानकारी दी कि ई-मेल सिर्फ गोल्डन टेंपल नहीं, दिल्ली के स्कूलों, अदालतों, सीएम, सांसदों व तमिलानडु की कई संस्थाओं को भी आ चुकी है। सीपी भुल्लर ने जानकारी सांझा करते बताया, जांच में आशंका यही जताई जा रही है कि आरोपियों ने गोल्डन टेंपल का नाम प्रयोग कर तमिलनाडु के मसलों को उजागर किया है। तमिलनाडु के कई अधिकारी भी पंजाब पुलिस के संपर्क में हैं। उनका कहना है कि कई ई-मेल्स बीते समय में तमिलनाडु में भी सर्कुलेट हुई हैं। इतना ही नहीं, ई-मेल में डीएमके, साउथ राज्यों के लोगों के नाम ही प्रयोग किए गए हैं। सीपी अमृतसर ने जानकारी दी कि डिटेन किए गए शुभम दूबे खुद 24 साल का सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, जो दो कंपनियों में जॉब के बाद अब बेरोजगार है। कुछ टेक्नीकल एवीडेंस मिली है, जिसके चलते शक शुभम पर गया है। पूछताछ में अगर उसकी इन्वॉल्वमेंट पाई गई तो उसकी अरेस्ट डाली जाएगी और उससे अन्य साथियों की भी जानकारी हासिल की जाएगी। 14 जुलाई से अब तक SGPC को पांच धमकी भरे ई-मेल मिल चुके हैं। इन मेल्स में गोल्डन टेंपल को आरडीएक्स से उड़ाने की बात कही गई थी। मेल्स के बाद अमृतसर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और मंदिर परिसर सहित आसपास के क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ सघन तलाशी अभियान चलाया गया। ई-मेल भेजने के लिए डॉर्कनेट का हो रहा प्रयोग पुलिस ने जानकारी सांझा की कि ई-मेल भेजने के लिए आरोपी डार्कनेट का प्रयोग कर रहे हैं। यही कारण है कि आईपी अड्रैस अन्य-अन्य देशों के आ रहे हैं। इतना ही नहीं, पहले कुछ ई-मेल आउट-लुक से भेजी गई थी, लेकिन 16 जुलाई को भेजी ई-मेल हॉटमेल से भेजी गई। आरोपी से पूछताछ जारी सीपी अमृतसर ने बताया कि पुलिस को शुभम से पूछताछ के दौरान कुछ अहम सुराग मिल सकते हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह कोई अकेला साइबर हमला था या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क या कट्टरपंथी साजिश है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने की उच्चस्तरीय बैठक धमकी भरे ईमेल्स को गंभीरता से लेते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने डीजीपी गौरव यादव सहित शीर्ष पुलिस और खुफिया अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया: “हम पंजाब की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे। गोल्डन टेंपल जैसे पवित्र स्थल की रक्षा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और कोई भी राष्ट्र-विरोधी तत्व बख्शा नहीं जाएगा।” मुख्यमंत्री ने पंजाब के लोगों को अफवाहों से दूर रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की। SGPC ने जताई थी चिंता SGPC प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि ये स्पष्ट नहीं, धमकी किसी शरारत का हिस्सा है या किसी बड़ी साजिश का इशारा। उन्होंने सरकार से इस मामले की गहराई से जांच करने की मांग की थी ताकि सच सामने आ सके और लोगों की धार्मिक आस्था को ठेस न पहुंचे।