गरीबों के राशन में सेंध:आलीशान घर, सवा सौ बीघा जमीन वाला "गरीब' एमआईसी सदस्य भी पात्रता पर्ची का लाभार्थी
नगर निगम द्वारा हाल ही में जारी नई खाद्यान्न पात्रता सूची में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक करोड़पति एमआईसी सदस्य का नाम सूची में शामिल किया गया है जबकि पार्षद व एमआईसी आलीशान घर, दो लक्जरी कार और सवा सौ बीघा जमीन के मालिक हैं। अब सवाल उठ रहा है कि करोड़पति सदस्य का नाम गरीबों को मिलने वाले राशन की सूची में कैसे जुड़ गया? वहीं जिम्मेदार निगम कमिश्नर ने पूरा मामला ही नागरिक आपूर्ति विभाग पर ढोल दिया, वहीं खाद्य नागरिक आपूर्ति के अफसर बोले-निगम की ओर से ही नाम की सूची दी जाती है। दरअसल, निगम ने 1 मई 2025 की नई खाद्यान्न पात्रता पर्ची जारी की है। इसमें एमआईसी सदस्य जितेंद्र मकवाना का भी नाम है। मकवाना सूची में नाम गलती से जुड़ना बता रहे हैं जबकि हकीकत ये हैं कि पार्षद व एमआईसी सदस्य मकवाना ने अगस्त 2024 में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन दिया था। उस पर अमल भी हो गया और उनका नाम गरीबों के लिए बनी सूची में दर्ज हो गया। इनकी समग्र परिवार आईडी में भी पांच नाम जुड़े हैं। जिनमें से चार आधार से लिंक हैं और एक नाम पर उपलब्ध नहीं लिखा है। एमआईसी सदस्य जितेंद्र सिंह मकवाना बोले कि ईश्वर की कृपा से घर में कोई कमी नहीं है। मेरे पास दो लक्जरी कार, दो ट्रैक्टर, करीब सवा सौ बीघा जमीन है। हर साल 40 से 50 लाख की उपज होती है। मैंने खाद्यान्न पर्ची से एक दाना भी नहीं लिया। ये देखिए.. जिम्मेदार जवाब देने से कैसे पीछे हट रहे पात्रता पर्ची बनाने का काम नगरीय निकाय का है। वहीं पर कागज जमा होते हैं, फिर हमारे विभाग में आते हैं। इसके बाद भोपाल से पर्ची बनती है। पूरा काम ऑनलाइन होता है, जिसे कोई भी पोर्टल पर देख सकता है। - बीएस राय, सहायक आपूर्ति अधिकारी, देवास मुझे जानकारी नहीं है कि किसी पार्षद का नाम पात्रता सूची में जुड़ा है। यह आपूर्ति विभाग का काम है। पात्रता पर्ची का कार्य वहीं से होता है, हमारे यहां से नहीं।'
- रजनीश कसेरा, निगम आयुक्त देवास।
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