अयोध्या में बुजुर्ग महिला को घरवालों ने सड़क पर फेंका:रात 2 बजे ई-रिक्शा में लाए, सड़क पर चादर ओढ़ाई; कई घंटे पड़ी रही...मौत

अयोध्या में बुजुर्ग महिला को घरवालों ने सड़क पर फेंका:रात 2 बजे ई-रिक्शा में लाए, सड़क पर चादर ओढ़ाई; कई घंटे पड़ी रही...मौत
अयोध्या से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक पीड़ित बुजुर्ग महिला को घरवाले सड़क किनारे छोड़ गए। बुधवार रात एक पुरुष और दो महिलाएं ऑटो से उसे लेकर पहुंचे। महिला को सड़क किनारे लिटाया गया और चादर ओढ़ाई। जाते समय एक महिला ने चादर हटाकर बुजुर्ग का चेहरा देखा। बुजुर्ग महिला सुबह तक पड़ी रही। राहगीर की सूचना पर पुलिस पहुंची। देखा तो महिला के गले में जख्म के निशान थे। इसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पूरा मामला किशुन दासपुर मोहल्ले का है। महिला की शिनाख्त अब तक नहीं हो पाई है। महिला को सड़क पर फेंकने का वीडियो भी सामने आया है। 3 तस्वीरें देखिए... आगे बढ़ने से पहले पोल में हिस्सा लेकर राय दें- वीडियो में क्या दिख रहा है, जानिए 1 मिनट 22 सेकेंड के वीडियो में दिख रहा है कि रात करीब 2 बजे दो महिलाएं और एक पुरुष ई-रिक्शा से आते हैं। पुरुष ने जींस और शर्ट पहन रखी है, जबकि एक महिला सूट और दूसरी महिला साड़ी पहने हुए है। पुरुष और सूट पहने महिला बुजुर्ग को उठाकर सड़क किनारे रख देते हैं। फिर महिला उसे चादर से ढंक देती है। थोड़ी देर बाद दूसरी, साड़ी पहने महिला आती है और बुजुर्ग के चेहरे को देखती है। इसके बाद तीनों ऑटो में बैठकर चले जाते हैं। उनके जाने के बाद महिला करीब 10 मिनट तक हाथ-पैर हिलाती है, फिर उसकी हलचल बंद हो जाती है। ऐसा प्रतीत होता है कि बुजुर्ग महिला सो गई है। गुरुवार सुबह राहगीर ने पुलिस को सूचना दी कि महिला किशुन दासपुर मोहल्ले में पड़ी हुई है। इसके बाद दर्शन नगर चौकी इंचार्ज जगन्नाथ मणि त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और महिला को मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। इलाज के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। बुजुर्ग महिला की पहचान को सभी थानों में भेजी गई फोटो अयोध्या कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार शर्मा ने बताया- बुजुर्ग महिला की मौत के बारे में घटनास्थल के आसपास के 100 से ज्यादा CCTV को खंगाल जा रहा है। जिले के सभी ग्राम प्रधानों और थानों को बुजुर्ग महिला की फोटो भेज कर उसकी पहचान कराने की कोशिश की जा रही है। बुजुर्ग महिला के पोस्टर और पंपलेट जगह-जगह लगाए जा रहे हैं एवं सोशल मीडिया पर भी उसकी पहचान कराने की कोशिश की जा रही है। गले की गांठ में पड़ गए थे कीड़े राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सत्यजीत वर्मा ने बताया- बुजुर्ग महिला को गुरुवार सुबह 10 बजे के आसपास लाया गया था। अस्पताल में आने के बाद महिला अचेत थी। यहां सर्जन ने देखा था। गले में कई गांठें मिली थीं। उसकी ड्रेसिंग की गई थी। गांठों में कीड़े पड़ गए थे। डॉक्टरों की टीम ने महिला को बचाने का बहुत प्रयास किया पर वह अचेत रहने के कारण सामान्य नहीं हो पाई। करीब 8 घंटे बाद अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बुजुर्ग महिला के गले में घाव था। बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार पर कानून सख्त; कोर्ट छीन सकता है बच्चों से संपत्ति ------------------ ये खबर भी पढ़िए बुजुर्ग मां को काशी में घाट पर छोड़ गई बेटी; कानपुर में बोली- गलत नहीं किया; रातभर चिल्लाती और उठ-उठकर भागती थीं 'जिसको मैंने गोद में सुलाया वो मुझे घाट पर सुलाकर चली गई। बेटी को बेटे से कम नहीं समझा। उसे हल्का सा बुखार आ जाता था तो मैं रातभर जागती थी। लोग पूछते थे कि सिर्फ एक बेटी है तो मैं कहती थी यही मेरा बेटा है। बेटी के आगे बेटे की चाहत नहीं थी। लेकिन क्या पता था, अंतिम दिनों में अपनों के लिए इतना बोझ बन जाऊंगी। मेरी बेटी ही इस कदर तड़प-तड़पकर मरने के लिए छोड़ देगी।' पढ़िए पूरी खबर