वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन- बिहार में नेपाल-बांग्लादेश, म्यांमार के लोग:अफसर बोले- 1 अगस्त के बाद जांच होगी; सिब्बल ने कहा- चुनाव आयोग सरकार की कठपुतली
बिहार में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन का काम जारी है। इस दौरान चुनाव आयोग (EC) के अधिकारियों का दावा है कि बिहार में बड़ी तादाद में विदेशी हैं। EC अफसरों ने न्यूज एजेंसी को बताया, 'हमने मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए घर-घर जाकर दौरे किए। इस दौरान हमें नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार से आए लोग बड़ी संख्या में मिले हैं।' EC अफसरों के मुताबिक '1 अगस्त के बाद ऐसे लोगों की जांच होगी। 30 सितंबर को पब्लिश होने वाली आखिरी मतदाता सूची में अवैध प्रवासियों के नाम शामिल नहीं किए जाएंगे।' बिहार में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन के तहत मतदाता गणना फॉर्म जमा करने का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इधर, चुनाव आयोग के खुलासे पर पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल और राजद सांसद मनोज झा ने सवाल उठाए हैं। कपिल सिब्बल बोले- EC केंद्र की कठपुतली राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि चुनाव आयोग हमेशा से मोदी सरकार की कठपुतली रहा है। बिहार में वोटर लिस्ट में किया जा रहा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) असंवैधानिक है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बहुसंख्यक सरकारें सत्ता में बनी रहें। सिब्बल ने ये भी कहा कि हर चुनाव आयुक्त सरकार से तालमेल बैठाने में अपने पूर्ववर्ती से आगे निकल गया। नागरिकता का फैसला लेना चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। RJD सांसद बोले- अगर विदेशी हैं तो जिम्मेदार कौन बिहार में विदेशियों के होने के चुनाव आयोग के दावे पर राजद सांसद मनोज झा ने कहा, ये सूत्र कौन है, ये मुझे समझ नहीं आता। अगर बिहार में एक भी विदेशी है, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है? ये सवाल देश के गृह मंत्री से होना चाहिए।' मनोज झा ने इसे प्लांटेड स्टोरी बताते हुए कहा, 'इसके जरिए नफरत के बीज बोए जा रहे हैं। इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर न बताएं।' 80% वोटर्स के फॉर्म जमा हो चुके बिहार के 80.11 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदाता पुनरीक्षण गणना प्रपत्र जमा कर दिया है। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि शनिवार की शाम 6 बजे तक 100 प्रतिशत यानी 7,89,69,844 मतदाताओं के गणना फॉर्म की प्रिंटिंग और वितरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसमें 6,32,59,497 वोटर्स ने गणना फॉर्म भरकर जमा कर दिया है। जो कुल मतदाताओं का 80.11 प्रतिशत है। इसका मतलब है कि बिहार के हर 5 में से 4 मतदाताओं ने गणना प्रपत्र भरकर जमा कर दिया है। अधिकांश गणना प्रपत्र 25 जुलाई से पहले ही जमा हो जाने की संभावना है। ------------------ इसे भी पढ़िए.... बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन जारी रहेगा:चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट का निर्देश- आधार, वोटर आईडी, राशन कार्ड को भी पहचान पत्र मानें सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बिहार विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट के रिवीजन जारी रखने की अनुमति दी। अदालत ने इसे संवैधानिक जिम्मेदारी बताया। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) यानी वोटर लिस्ट रिवीजन की टाइमिंग पर सवाल उठाए। अदालत ने चुनाव आयोग से कहा कि बिहार में SIR के दौरान आधार, वोटर आईडी, राशन कार्ड को भी पहचान पत्र माना जाए। पूरी खबर पढ़िए
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