बच्चों की मौत पर कलेक्टर-कमिश्नर से भी झूठ बुलवाया:भास्कर पड़ताल में एमवाय के 5 दावे निकले झूठे, इंदौर में नवजात की चार उंगलियां खा गए थे चूहे

बच्चों की मौत पर कलेक्टर-कमिश्नर से भी झूठ बुलवाया:भास्कर पड़ताल में एमवाय के 5 दावे निकले झूठे, इंदौर में नवजात की चार उंगलियां खा गए थे चूहे
इंदौर में एमवाय अस्पताल के NICU वार्ड में चूहे एक नवजात की चार उंगलियां खा गए थे। शनिवार को अस्पताल में नवजात के परिजन और जयस ने अस्पताल में प्रदर्शन किया। इसके बाद रात में प्रबंधन ने शव माता-पिता को सौंप दिया। शव को पारदर्शी प्लास्टिक में पैक कर बॉक्स में रखा गया था। रात में परिजन धार जिले के रूपवाड़ा गांव पहुंचे। यहां अंतिम संस्कार से पहले बॉक्स खोलकर देखा तो हकीकत सामने आई। शव को देखकर मां मंजू बेसुध हो गई। देर रात गांववालों की मौजूदगी में बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बता दें कि एमवाय अस्पताल में दो नवजातों की चूहों के काटने के बाद मौत हो जाने का मामले में राजनीति गरमा चुकी है। भास्कर की पड़ताल में अस्पताल प्रबंधन के पांच दावे झूठे नजर आ रहे हैं। पढ़िए ये रिपोर्ट... परिजन और जयस ने किया था अस्पताल में प्रदर्शन 28 अगस्त को NICU में भर्ती धार निवासी मंजू की नवजात बच्ची की मौत हुई थी। शुरुआती जांच में प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन ने मौत को सामान्य बताया और चूहों के कुतरने से इनकार किया। कांग्रेस इस केस पर पहले दिन से आक्रामक रही और राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी तक को लगातार फीडबैक दिया गया। अब जय आदिवासी संगठन (जयस) भी मैदान में उतर आया है। शनिवार को जयस और कांग्रेस नेताओं ने बच्ची के माता-पिता को अलग-अलग अस्पताल पहुंचाया और वहां जमकर हंगामा हुआ। माता-पिता का आरोप: 5 दिन हमें बताया ही नहीं इस मामले में सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट तब आया जब कांग्रेस और जयस की एंट्री हुई। दोनों ही दल इस गंभीर घटना को लेकर आक्रामक हो गए। शनिवार को सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल और जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा परिजन को अस्पताल ले जाने पर अड़े रहे। बाद में आपसी सहमति से विधायक ग्रेवाल पिता देवराम को और जयस के नेता मां मंजू को लेकर एमवाय अस्पताल पहुंचे। वहां करीब छह घंटे चले प्रदर्शन के दौरान परिजन ने आरोप लगाया कि उन्हें अस्पताल से तुरंत जाने के लिए कह दिया गया था और यह भी कहा गया था कि फोन करने पर जानकारी दी जाएगी, लेकिन उन्हें बच्ची की मौत की खबर 5 दिन तक नहीं दी गई। शनिवार के हंगामे में नवजातों के परिजन के लिए 1-1 करोड़ रुपए मुआवजे की मांग उठी। अंततः रेडक्रॉस सोसाइटी की ओर से धार निवासी बच्ची के परिवार को 5 लाख रुपए की सहायता राशि दी गई, जबकि देवास निवासी दंपती, जिनके नवजात की भी मौत हुई थी, उन्हें कोई आर्थिक मदद नहीं मिली। जीतू पटवारी बोले-सरकारी हत्याएं निर्मम होती हैं अस्पताल प्रबंधन ने इन पर की कार्रवाई यह खबर भी पढ़ें 2 मौतों का एक्शन-एक लाख जुर्माना और सिर्फ चेतावनी हम अपनी बेटी को बहुत अच्छी नीयत से एमवाय अस्पताल ले गए थे। हम उम्मीद कर रहे थे कि वो अस्पताल से ठीक होकर घर आएगी, लेकिन उसे बहुत दर्दनाक मौत मिली है। ये कहना है साजिद का। साजिद की बच्ची इंदौर के एमवाय अस्पताल के उसी NICU में भर्ती थी, जहां चूहों के काटने से दो नवजातों की मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि दोनों बच्चों की चूहों के काटने से मौत नहीं हुई है। उनकी हालत पहले से ही गंभीर थी। साजिद ने बेटी के शव का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया था। वे कहते हैं- जब हम लोग बच्ची का शव घर लेकर घर आए, तब उसकी हथेली पर चूहों के काटने के निशान मिले। पढ़ें पूरी खबर