नामीबिया से लाई गई चीता नभा की मौत:शिकार के दौरान दो पैर टूट गए थे; कूनो में अब 26 चीते, 17 भारत में जन्मे

नामीबिया से लाई गई चीता नभा की मौत:शिकार के दौरान दो पैर टूट गए थे; कूनो में अब 26 चीते, 17 भारत में जन्मे
नामीबिया से श्योपुर के कूनो लाई गई 8 साल की मादा चीता नभा की शनिवार (12 जुलाई) को मौत हो गई। वन विभाग के अनुसार नभा एक हफ्ते पहले अपने सॉफ्ट रिलीज बोमा में घायल मिली थी। शिकार के दौरान नभा के बाएं पैरों में फ्रैक्चर हुआ था। एक सप्ताह तक डॉक्टरों की एक्सपर्ट टीम ने उसका इलाज किया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। मौत के सटीक कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से चलेगा। नभा की मौत के बाद कूनो में अब 26 चीते बचे हैं। इनमें 9 वयस्क चीते हैं, जिनमें 6 मादा और 3 नर शामिल हैं। साथ ही 17 भारत में जन्मे शावक भी हैं। वन विभाग के मुताबिक सभी चीते स्वस्थ हैं। वर्तमान में 16 चीते खुले जंगल में स्वतंत्र रूप से घूम रहे हैं। ये नियमित रूप से शिकार कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार ये चीते कूनो के पारिस्थितिकी तंत्र के अनुकूल हो चुके हैं। सभी चीतों को हाल ही में एंटी एक्टो-परजीवी दवा दी गई है। मादा चीता वीरा और निर्वा अपने शावकों के साथ स्वस्थ हैं। गांधीसागर अभयारण्य में रखे दो नर चीते भी स्वस्थ हैं। 22 नवंबर को कूनो में चीता निर्वा ने चार शावकों को जन्म दिया था। 25 नवंबर को खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा कर खुशी जाहिर की थी। इसके बाद 28 नवंबर 2024 को चीता निर्वा से जन्मे 2 शावकों की मौत हो गई थी। दोनों के शव क्षत-विक्षत हालत में मिले थे। अब जानिए कब-कैसे और कितने चीतों की मौत हुई...? 26 मार्च 2023: साशा की किडनी इन्फेक्शन से मौत नामीबिया से लाई गई 4 साल की मादा चीता साशा की किडनी इन्फेक्शन से मौत हुई थी। वन विभाग के मुताबिक 15 अगस्त 2022 को नामीबिया में साशा का ब्लड टेस्ट किया गया था, जिसमें क्रिएटिनिन का स्तर 400 से ज्यादा था। इससे ये पुष्टि होती है कि साशा को किडनी की बीमारी भारत में लाने से पहले ही थी। साशा की मौत के बाद चीतों की संख्या घटकर 19 रह गई। 27 मार्च 2023: ज्वाला ने चार शावकों को जन्म दिया साशा की मौत के अगले ही दिन मादा चीता ज्वाला ने चार शावकों को जन्म दिया। ज्वाला को नामीबिया से यहां लाया गया था। कूनो नेशनल पार्क में इन शावकों को मिलाकर चीतों की कुल संख्या 23 हो गई। 23 अप्रैल 2023: उदय की दिल के दौरे से मौत साउथ अफ्रीका से लाए गए नर चीते उदय की मौत हुई। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में बताया गया कि उदय की मौत कार्डियक आर्टरी फेल होने से हुई। मध्य प्रदेश के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस चौहान ने बताया कि हृदय धमनी में रक्त संचार रुकने के कारण चीते की मौत हुई। यह भी एक तरह का हार्ट अटैक है। इसके बाद कूनो में शावकों सहित चीतों की संख्या 22 रह गई। 9 मई 2023: दक्षा की मेटिंग के दौरान मौत दक्षा को दक्षिण अफ्रीका से कूनो लाया गया था। जेएस चौहान ने बताया कि मेल चीते को दक्षा के बाड़े में मेटिंग के लिए भेजा गया था। मेटिंग के दौरान ही दोनों में हिंसक इंटरेक्शन हो गया। मेल चीते ने पंजा मारकर दक्षा को घायल कर दिया था। बाद में उसकी मौत हो गई। इसके बाद कूनो में शावकों सहित चीतों की संख्या 21 रह गई। 23 मई 2023: ज्वाला के एक शावक की मौत ज्वाला के एक शावक की मौत हुई थी। जेएस चौहान ने बताया कि ये शावक जंगली परिस्थितियों में रह रहे थे। 23 मई को श्योपुर में भीषण गर्मी थी। तापमान 46-47 डिग्री सेल्सियस था। दिनभर गर्म हवा और लू चलती रही। ऐसे में ज्यादा गर्मी, डिहाइड्रेशन और कमजोरी इनकी मौत की वजह हो सकती है। इसके बाद कूनो में शावकों सहित चीतों की संख्या 20 रह गई। 25 मई 2023: ज्वाला के दो और शावकों की मौत पहले शावक की मौत के बाद तीन अन्य को चिकित्सकों की देखरेख में रखा गया था। इनमें से दो और शावकों की मौत हो गई। अधिक तापमान होने और लू के चलते इनकी तबीयत खराब होने की बात सामने आई थी। इसके बाद कूनो में एक शावक सहित 18 चीते बचे। 11 जुलाई 2023: मेल चीता तेजस की मौत चीता तेजस की गर्दन पर घाव था, जिसे देखकर अनुमान लगाया गया कि चीतों के आपसी संघर्ष में उसकी जान गई है। इस मौत के बाद कूनो में 17 चीते बचे थे। 14 जुलाई 2023: मेल चीता सूरज की मौत चीते सूरज की गर्दन पर भी घाव मिला था। कूनो प्रबंधन का अनुमान है कि चीतों के आपसी संघर्ष में ही सूरज की भी जान गई है। इससे नेशनल पार्क में चीतों की संख्या घटकर 16 रह गई थी। 2 अगस्त 2023: मादा चीता धात्री की मौत कूनो परिसर में ही मादा चीता धात्री का शव मिला था। पोस्टमॉर्टम में इन्फेक्शन से मौत की वजह सामने आई थी। धात्री की मौत के बाद चीतों की संख्या 15 रह गई थी। 16 जनवरी 2024: नर चीते शौर्य की मौत नामीबिया से 17 सितंबर 2022 को कूनो नेशनल पार्क लाए गए नर चीते शौर्य ने दम तोड़ा। तब यहां 4 शावक समेत 17 चीते बचे थे। 5 अगस्त 2024: गामिनी के एक और शावक की मौत कूनो के वन अमले को गश्त के दौरान मादा चीता गामिनी का शावक घिसटते हुए दिखा। इसके बाद टीम ने उसे रेस्क्यू कर इलाज शुरू किया था। रीढ़ की हड्‌डी में फ्रैक्चर होने की वजह से शावक गंभीर रूप से घायल हो गया था। 7 दिन चले इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया। 3 जनवरी 2024: आशा ने तीन शावक जन्मे इसी साल 03 जनवरी को श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क से बड़ी खुशखबरी आई। मादा चीता आशा ने तीन शावकों को जन्म दिया। कूनो में अब 4 शावक समेत कुल 18 चीते हो गए थे। नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क लाई गई मादा चीता आशा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह नाम दिया था। 27 अगस्त 2024: नर चीते पवन की हुई थी मौत, नाले में मिला था शव कूनो नेशनल पार्क में पवन नाम के चीता की मौत हो गई थी। नामीबिया से लाए गए इस चीता का शव झाड़ियों के बीच नाले में मिला था। चीते का सिर और आधा शरीर पानी में डूबा हुआ था। 28 नवंबर 2024: चीता निर्वा से जन्मे 2 शावकों की मौत जन्म के पांच दिन बाद चीता निर्वा से जन्मे 2 शावकों की मौत हो गई थी। दोनों के शव क्षत-विक्षत हालत में मिले थे। इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़े... कूनो में दो चीता शावकों की मौत:क्षत-विक्षत हालत में मिले शव; 5 दिन पहले चीता निर्वा ने दिया था जन्म