जंगल माफिया लाखा के दो बेटे करण और करताप जिलाबदर:वन अमले पर पथराव का नेतृत्व करते थे; खंडवा कलेक्टर ने एक साल के लिए बाहर किया
खंडवा जिले में जंगल कटाई और अतिक्रमण में सक्रिय रहे कुख्यात अतिक्रमणकारी लाखा के दो बेटों करण और करताप के खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई की गई है। दोनों बेटों पर जंगल में अतिक्रमण के साथ-साथ प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान पुलिस और वन अमले पर पथराव करने के आरोप हैं। कलेक्टर ने दोनों को एक-एक साल के लिए जिले से बाहर कर दिया है। लाखा, जो खुद भी पूर्व में जिलाबदर हो चुका है और जेल जा चुका है, अब उम्रदराज हो चुका है। उसकी दो पत्नियां और 12 बेटे हैं, जो नवाड़ (जंगल की कटाई और कब्जा) के काम में सक्रिय हैं। कार्रवाई के दौरान कई बार इन लोगों को लट्ठ और गोफन के साथ विरोध करते हुए देखा गया है। गुड़ी रेंज में सबसे ज्यादा अतिक्रमण
खंडवा के गुड़ी रेंज में लॉकडाउन के दौरान करीब 10 हजार एकड़ जंगल पर अतिक्रमण कर खेत बना दिए गए थे। मई-जून 2025 में वन विभाग ने जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की थी। जेसीबी से कंटूर खोदे गए और वृक्षारोपण कराया गया। फिर उखाड़े पौधे, बो दी फसल
लेकिन एक महीने के भीतर ही अतिक्रमणकारी फिर सक्रिय हो गए। उन्होंने पौधे उखाड़कर मक्का और मूंग की फसल बो दी। जब वन विभाग ने फिर से कार्रवाई शुरू की तो इन लोगों ने अमले पर पथराव कर दिया। एक हफ्ते में दो बार पथराव
पिछले सप्ताहभर में दो बार वन अमले पर पथराव की घटनाएं हो चुकी हैं। वन विभाग का कहना है कि इन घटनाओं का नेतृत्व करण और करताप करते रहे हैं, जो लगातार अतिक्रमण के साथ हिंसक विरोध में भी शामिल हैं। अब और सख्त कार्रवाई की तैयारी
प्रशासन अब इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए अन्य अतिक्रमणकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि जंगल की जमीन को किसी भी कीमत पर कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।
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