ओलिंपिक मेडलिस्ट बॉक्सर लवलीना बोलीं- BFI अधिकारी ने मिसबिहेव किया:जूम पर मुझसे कहा- सिर नीचे करो, जैसा हम कहते हैं वैसा करो
टोक्यो ओलिंपिक गेम्स में भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाने वाली मुक्केबाज लवलीना बोरगोहन ने इंडियन बॉक्सिंग एसोसिएशन (BFI) के कार्यकारी निदेशक रिटायर्ड कर्नल अरुण मलिक पर मिसबिहेव के आरोप लगाए हैं। TOI के अनुसार, लवलीना ने अपमानजनक और लैंगिक भेदभावपूर्ण व्यवहार करने का आरोप लगाया है। 27 साल की मुक्केबाज ने 2 पेज की लिखित शिकायत की है। इसमें लिखा- 'कर्नल मलिक ने 8 जुलाई को टॉप्स की जूम मीटिंग में मेरे साथ अपमानजनक और तिरस्कार भरा व्यवहार किया।' इंडियन ओलिंपिक संघ (IOA) ने इन आरोपों की जांच शुरू कर दी है। IOA ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई है, जिसमें टॉप्स के सीईओ नछत्तर सिंह जोहल, टेबल टेनिस खिलाड़ी शरत कमल और एक महिला वकील शामिल हैं। 2 पेज की शिकायत में लवलीन की बात लवलीन ने 2 पेज का शिकायत पत्र खेल मंत्री मनसुख मंडाविया, साई DG टॉप्स, IOA और बॉक्सिंग फेडेरेशन को भेजी। उन्होंने शिकायत में लिखा- मीटिंग के बाद मुझे बहुत ठेस पहुंची, मैं दुखी और निराश हो गई। मैं सोचने लगी कि हम महिला खिलाड़ी क्या वाकई सम्मान के लायक समझे जाते हैं? उन्होंने लिखा- मैं सिर्फ एक एथलीट के रूप में नहीं, बल्कि एक महिला के रूप में यह पत्र लिख रही हूं। जो सालों से देश की उम्मीदें बॉक्सिंग रिंग में लेकर चलती रही है। लवलीना ने आगे लिखा- 8 जुलाई को BFI और टॉप्स की मीटिंग में कर्नल मलिक ने मुझसे चिल्लाते हुए कहा- चुप रहो, सिर नीचे रखो और जो कहा जा रहा है वो करो। उनका यह व्यवहार न केवल अपमानजनक था बल्कि महिलाओं के प्रति भेदभाव और ताकत दिखाने जैसा था। कर्नल अरुण मलिक ने भास्कर से कहा- मुझे बदनाम किया जा रहा है विवाद बढ़ने के बाद कर्नल अरुण मलिक ने दैनिक भास्कर से बात की। उन्होंने कहा- 'मुझे बदनाम किया जा रहा है। अरुण ने बताया कि मीटिंग में लवलीना ने 2 डिमांड की थी।' अरुण ने बताया कि मीटिंग के एक दिन बाद ही लवलीना ने शिकायत कर दी। 2 दिन बाद कमेटी का गठित हो गई, जिसमें टॉप्स के CEO चेयरमैन भी हैं। मैंने साई को 2 बार पत्र लिखकर रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के लिए कहा है। लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है। ------------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए... BCCI को RTI के दायरे में नहीं लाया जाएगा; स्पोर्ट्स बिल का असर नहीं BCCI अब भी RIT के दायरे में नहीं आएगा। खेल मंत्रालय ने नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल में संशोधन किया है। इसके अनुसार, अब केवल उन्हीं खेल संगठनों को इसके दायरे में लाया गया है, जो सरकारी अनुदान और सहायता लेते हैं। BCCI खेल मंत्रालय से कोई अनुदान नहीं लेता है। हालांकि विभिन्न संगठन कई बार BCCI को RTI (सूचना का अधिकार) के दायरे में लाने की मांग करते रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर
Admin