इनेलो की रैली में आ सकते हैं जगदीप धनखड़:अभय चौटाला पूर्व उपराष्ट्रपति से मिलेंगे; सैलजा के करीबी पूर्व MLA कांग्रेस छोड़ सकते हैं

इनेलो की रैली में आ सकते हैं जगदीप धनखड़:अभय चौटाला पूर्व उपराष्ट्रपति से मिलेंगे; सैलजा के करीबी पूर्व MLA कांग्रेस छोड़ सकते हैं
हरियाणा की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला आज (23 सितंबर) शाम पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मिलेंगे। यह मुलाकात दिल्ली के छतरपुर स्थित फॉर्म हाउस में होगी। जहां इन दिनों धनखड़ रह रहे हैं। अभय चौटाला उन्हें ताऊ देवीलाल की जयंती पर 25 सितंबर को रोहतक में हो रही रैली का निमंत्रण देंगे। इनेलो के वरिष्ठ नेता उमेद लोहान ने इसकी पुष्टि की। उम्मीद जताई जा रही है कि ताऊ देवीलाल को अपना आदर्श मानने वाले जगदीप धनखड़ इस निमंत्रण को स्वीकार कर सकते हैं। ऐसा हुआ तो इस्तीफे के बाद धनखड़ का यह पहला पब्लिक कार्यक्रम होगा। वहीं कांग्रेस नेता पूर्व वित्त मंत्री संपत सिंह ने भी अभय सिंह चौटाला के निमंत्रण को स्वीकार करते हुए रोहतक रैली में जाने का फैसला कर लिया है। अगर ऐसा हुआ तो भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस की राजनीति को झटका लग सकता है। संपत सिंह के कांग्रेस छोड़ने की अटकलें हरियाणा में पूर्व मंत्री संपत सिंह ने स्पष्ट किया है कि वे देवीलाल जयंती पर रोहतक में हो रही रैली में जाएंगे। ऐसे में ये अटकलें तेज हो गई हैं कि संपत कांग्रेस छोड़ सकते हैं। संपत सिंह की गिनती सांसद कुमारी शैलजा के नजदीकियों में होती है। संपत सिंह ने कहा कि अभय सिंह चौटाला खुद रैली का निमंत्रण देने उनके घर आए थे। वह ताऊ देवीलाल को अपना राजनीतिक गुरु एवं आदर्श मानते हैं, इसलिए वह उनको श्रद्धांजलि देने कार्यक्रम में जाएंगे। 2009 के बाद पहली बार इनेलो का मुझे आमंत्रण मिला है। मैं रैली में जरूर जाऊंगा। कुमारी शैलजा के तीन करीबी बदल चुके पाला कांग्रेस में सांसद कुमारी शैलजा के कई करीबी पार्टी छोड़ चुके हैं। इनमें किरण चौधरी, रामनिवास राड़ा और पूर्व सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी शामिल हैं। तीनों भाजपा में गए। किरण चौधरी ने पिछले दिनों ही अपने ऑफिशियल X हैंडल से कुमारी शैलजा की तारीफ भी की थी। संपत सिंह विधानसभा चुनाव में नलवा हलके से कांग्रेस का टिकट कटने के बाद से नाराज हैं। वह इनेलो की ओर से रखे गए और ओमप्रकाश चौटाला की अस्थि कलश यात्रा में भी शामिल हुए थे। संपत सिंह 1982, 1988, 1991, 1998, 2000 और 2009 में विधायक रहे। हिसार से लोकसभा चुनाव हारने के बाद वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे। जगदीप धनखड़ ने अचानक दे दिया था इस्तीफा उपराष्ट्रपति रहे जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया। इसके बाद उन्होंने सरकारी आवास खाली कर दिया था और अभय सिंह चौटाला के दिल्ली के छतरपुर में फॉर्म हाउस में शिफ्ट हो गए थे। पिछले दिनों अभय सिंह चौटाला ने एक पॉडकास्ट में बताया था कि इस्तीफे के बाद सरकारी आवास में धनखड़ को घुटन महसूस हो रही थी। वह किसी फ्लैट में शिफ्ट होने का विचार कर रहे थे। मगर, मैंने उनको स्टेट्स के हिसाब से अपने फॉर्म हाउस में रहने को कहा, जिससे वह सहमत हो गए थे। जगदीप धनखड़ के साथ राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक और पारिवारिक संबंध हैं।