अहमदाबाद प्लेन क्रैश, एक्सपर्ट बोले- पायलट ने जानबूझकर हादसा किया:AAIB के पूर्व चीफ बोले- ज्यादातर शुरुआती जांचें फाइनल रिपोर्ट से अलग होती है
अहमदाबाद प्लेन हादसे के एक महीने बाद 12 जुलाई को शुरुआती जांच रिपोर्ट सामने आई। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने 15 पेज की रिपोर्ट सार्वजनिक की। प्रारंभिक जांच के मुताबिक यह हादसा विमान के दोनों इंजन बंद होने की वजह से हुआ था। टेकऑफ के तुरंत बाद एक-एक करके दोनों फ्यूल स्विच बंद हो गए थे, इस वजह से दोनों इंजन भी बंद हो गए। इस दौरान कॉकपिट की रिकॉर्डिंग से पता चला है कि एक पायलट ने दूसरे से पूछा था कि क्या तुमने स्विच बंद किया है? दूसरे ने जवाब दिया, नहीं। एविएशन एक्सपर्ट कैप्टन मोहन रंगनाथन ने कहा कि रिपोर्ट देखकर लगता है कि हादसा जानबूझकर किया गया था। हालांकि, AAIB के पूर्व चीफ रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अरबिंदो हांडा ने कहा- ज्यादातर मामलों में शुरुआती जांच फाइनल रिपोर्ट से अलग होती है। एक्सपर्ट बोले- फ्यूल स्विच को मैनुअली ही चेंज किया जा सकता एविएशन एक्सपर्ट कैप्टन रंगनाथन ने NDTV से बातचीत में कहा कि ड्रीमलाइनर के इंजनों में फ्यूल सप्लाई को मैनुअली ही बंद किया जा सकता है। ईंधन बंद करने का और कोई तरीका नहीं है। यह काम हाथ से करना होगा। यह ऑटोमेटिक या पॉवर कट के कारण नहीं हो सकता। फ्यूल स्विच को इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि इन्हें बदलने के लिए स्लॉट से बाहर निकाला जाता है। यानी गलती या अनजाने में इन्हें बंद नहीं किया जा सकता। AAIB के पूर्व डायरेक्टर बोले- शुरुआती और अंतिम रिपोर्ट में अंतर होता है हादसे को लेकर जहां कुछ एक्सपर्ट पायलट की गलती का दावा कर रहे हैं, वहीं AAIB के पूर्व डायरेक्टर रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अरबिंदो हांडा कहते हैं कि ज्यादातर मामलों में विमान दुर्घटना जांच की शुरुआती और अंतिम रिपोर्ट अलग-अलग होती है। NDTV प्रॉफिट से बात करते हुए हांडा ने कहा- अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच AAIB के लिए बहुत मुश्किल होगी, क्योंकि विमान का ज्यादातर हिस्सा जलकर खाक हो गया है और अंतिम रिपोर्ट आने में समय लग सकता है। जांच कर रही टीम को दुर्घटना के सटीक कारण या शायद संभावित कारण पर विचार-विमर्श करना होगा। अभी जो रिपोर्ट आई है उसमें सिर्फ 30 सेकेंड में हुई घटनाओं के तथ्य हैं। यह कोई फाइनल रिपोर्ट नहीं है। जांच रिपोर्ट पर अन्य एक्सपर्ट ने क्या कहा.... पायलट कोशिश के बाद क्रैश से नहीं बचा पाए
रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे वाले विमान में दोनों इंजनों के फ्यूल स्विच बंद थे, जिसके बाद पायलटों ने इसे चालू किया और दोनों इंजन को दोबारा शुरू करने की कोशिश की थी। लेकिन विमान बहुत कम ऊंचाई पर था, इसलिए इंजनों को दोबारा ताकत पाने का समय नहीं मिल सका और विमान क्रैश हो गया। हालांकि ये सामने नहीं आया है कि फ्यूल स्विच बंद कैसे हुए थे। 15 पन्नों की रिपोर्ट के मुताबिक, टेकऑफ से लेकर हादसे तक की पूरी उड़ान करीब 30 सेकेंड ही चली। इस समय तक रिपोर्ट में Boeing 787-8 विमान और GE GEnx-1B इंजन को लेकर किसी ऑपरेटर के लिए कोई चेतावनी या कार्रवाई की सिफारिश नहीं की गई है। साथ ही रिपोर्ट में मौसम, बर्ड-हिट और सबोटाज जैसे किसी भी कारण का जिक्र नहीं है। तकनीकी दिक्कत थी, पर 1 घंटे में ही विमान रिलीज आखिरी उड़ान, टेकऑफ तक सब सामान्य ही दिखा जांच में क्या सामने आया, सवाल-जवाब फॉर्मेट में जानिए... सवाल: हवा में क्या हुआ था? जवाब: रिपोर्ट में बताया गया कि उड़ान भरने के कुछ ही सेकेंड बाद दोनों इंजन हवा में ही बंद हो गए - ईंधन कटऑफ स्विच एक के बाद एक केवल एक सेकेंड में RUN (चालू इंजन) से CUTOFF (बंद इंजन) में बदल गए। इंजनों को ईंधन की आपूर्ति मिलना बंद हो गई थी।
सवाल: पायलटों ने क्या बातचीत की?
जवाब: कॉकपिट ऑडियो भी सामने आया है जिसमें एक पायलट ने पूछा, "आपने क्यों बंद (इंजन) किया?" दूसरे ने उत्तर दिया, "मैंने नहीं किया।" सवाल: क्या इंजन दोबारा चालू करने की कोशिश हुई?
जवाब: पायलटों ने इंजन को फिर से चालू करने का प्रयास किया। N1 या इंजन 1 कुछ हद तक चालू हो गया, लेकिन इंजन 2 क्रैश होने से पहले स्टार्ट नहीं हो सका। विमान केवल 32 सेकेंड के लिए हवा में रहा था। सवाल: क्या फ्यूल में कोई दिक्कत थी?
जवाब: फ्यूल टेस्टिंग में पाया गया कि ईंधन में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं थी। थ्रस्ट लीवर पूरी तरह टूट चुके थे, लेकिन ब्लैक बॉक्स से पता चला है कि टेकऑफ थ्रस्ट उस वक्त चालू था, जो डिस्कनेक्ट होने का संकेत देता है। थ्रस्ट लीवर के जरिए विमान के इंजन की ताकत को कंट्रोल किया जाता है। सवाल: क्या बर्ड हिटिंग की कोई समस्या थी?
जवाब: फ्लैप सेटिंग (5 डिग्री) और गियर (नीचे) उड़ान भरने के लिए सामान्य थे। बर्ड हिटिंग संबंधी कोई समस्या नहीं थी। सवाल: हादसे के वक्त मौसम कैसा था?
जवाब: आसमान पूरी तरह साफ था। विजिबिलिटी भी ठीक थी। आंधी-तूफान जैसी भी कोई स्थिति नहीं थी। सवाल: क्या पायलट मेडिकली फिट थे?
जवाब: दोनों पायलट मेडिकली फिट थे। उन्हें किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं थीं। पायलट इन कमांड के पास 15 हजार घंटे और को-पायलट के पास 3400 घंटे उड़ान का अनुभव था। सवाल: जांच में विमान कंपनी के लिए कोई एडवाइजरी जारी की गई?
जवाब: रिपोर्ट में कहा गया कि यह प्रारंभिक जांच है, अभी यह जारी है। फिलहाल बोइंग विमान कंपनी या इंजन बनाने वाली जनरल इलेक्ट्रिक (GE) को कोई एडवाइजरी जारी नहीं की जा रही है। APAI ने कहा- पायलट्स की बातचीत से किसी निष्कर्ष पर न पहुंचे एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (APAI) ने एजेंसी PTI को लेटर लिखा है। इसमें कहा है कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की शुरुआती जांच रिपोर्ट से लग रहा है कि क्रैश में पायलट्स की गलती है। हम इस बात को पूरी तरह से खारिज करते हैं। हम निष्पक्ष और सबूत आधारित जांच की मांग करते हैं। APAI ने कहा- जांच रिपोर्ट बिना किसी जिम्मेदार अधिकारी के साइन और जानकारी के मीडिया में लीक कर दी गई। जांच में पारदर्शिता की कमी है। जांच की विश्वसनीयता पर सवाल है। जनता का विश्वास कम हो रहा है। योग्य, अनुभवी कर्मचारियों विशेषकर लाइन पायलटों को अभी भी जांच टीम में शामिल नहीं किया जा रहा है।
फ्यूल स्विच का काम और तकनीक फ्यूल स्विच विमान के कॉकपिट में थ्रस्ट लीवर के पास होते हैं। ये इंजन में फ्यूल की सप्लाई को कंट्रोल करते हैं। इसका मुख्य काम इंजन में फ्यूल की सप्लाई को शुरू करना ('रन' पोजिशन) या बंद करना ('कटऑफ' पोजिशन) है। हर इंजन के लिए अलग-अलग फ्यूल कंट्रोल स्विच होता है। उदाहरण के लिए, बोइंग 787 में दो इंजन हैं, तो दो स्विच होंगे - एक बाएं इंजन के लिए, एक दाएं के लिए। रन पोजिशन: जब स्विच 'रन' पर होता है, तो फ्यूल वाल्व खुलता है और इंजन में फ्यूल की सप्लाई शुरू हो जाती है। इससे इंजन चालू रहता है और विमान को थ्रस्ट मिलता है। कटऑफ पोजिशन: जब स्विच को 'कटऑफ' पर किया जाता है तो फ्यूल वाल्व बंद हो जाता है और इंजन में फ्यूल की सप्लाई रुक जाती है। इससे इंजन तुरंत बंद हो जाता है। फ्यूल स्विच स्प्रिंग-लोडेड होते हैं और इनमें डिटेंट (एक तरह का लॉक) होता है, जो इन्हें अपनी पोजिशन में स्थिर रखता है। स्विच को हिलाने के लिए तीन स्टेप्स चाहिए - पकड़ना, डिटेंट से बाहर निकालना, और रिलीज करना। ये कोई नॉर्मल स्विच नहीं है जो गलती से धक्का लगने से दब जाए जाए। पढ़ें पूरी खबर... विमान के उड़ते ही रैम एयर टर्बाइन खुली रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इंजन बंद होते ही रैम एयर टर्बाइन (RAT) खुल गया। यह एक छोटी प्रॉपेलर जैसी डिवाइस होती है। यह हवा की गति से घूमती है और बिजली और हाइड्रॉलिक पावर पैदा करती है। खासतौर पर तब जब विमान की मेन पावर कट हो जाए, या हाइड्रॉलिक सिस्टम फेल हो जाए। RAT विमान को कम से कम नेविगेशन और कंट्रोल सिस्टम को थोड़ा बहुत चालू रखने में मदद करता है। सबसे पहले पेड़ों और फिर ऊंची चिमनी से टकराया विमान
गिरते वक्त विमान सबसे पहले आर्मी मेडिकल कॉर्प्स परिसर में कतार में लगे पेड़ों और एक ऊंची चिमनी से टकराया। फिर बिल्डिंग ‘ए’ की उत्तर-पूर्वी दीवार से टकराया। पेड़ और बिल्डिंग ‘ए’ की दूरी 293 फीट है। विमान आगे बढ़ता गया और टूटता-बिखरता रहा तथा अन्य ढांचों और पेड़ों से टकराया। लैंडिंग गियर 345 फीट और पंख 670 फीट दूर जा गिरा
बाएं मुख्य लैंडिंग गियर और बाएं पंख का बाहरी और मध्य भाग बिल्डिंग ‘सी’ से टकराया और 345 फीट दूर गिरा। पंख का मध्य भाग बिल्डिंग ‘सी’ की चौथी मंजिल के उत्तरी कोने में फंसा मिला। पंख का अंदरूनी भाग बिल्डिंग ‘ए’ से 670 फीट दूर दक्षिण-पश्चिम में पड़ा मिला था।
डेटा के अनुसार, इंजन 1 का फ्यूल कटऑफ स्विच कटऑफ से रन स्थिति में स्थानांतरित हुआ। लगभग 01:38:54 बजे एपीयू इनलेट डोर खुलने लगा। ये एपीयू ऑटो स्टार्ट लॉजिक के अनुरूप था। 8 डिग्री नोज अप की स्थिति में था विमान इमारतों और विमान पर मिले निशान संकेत देते हैं कि टक्कर के समय विमान की स्थिति संभवतः ‘नोज-अप’ यानी लगभग 8 डिग्री ऊपर उठी हुई नाेज की थी। वहीं, पंख क्षैतिज स्थिति में थे। लैंडिंग गियर डाउन मिला; थ्रस्ट लीवर जल गया लैंडिंग गियर लीवर डाउन मिला। थ्रस्ट लीवर जल गया। ईएएफआर डेटा बताता है कि टक्कर तक थ्रस्ट लीवर आगे यानी टेकऑफ थ्रस्ट की स्थिति में थे। रिवर्सर लीवर मुड़े थे लेकिन ‘स्टोव्ड’ स्थिति में थे। फ्लैप का हैंडल टेकऑफ की सेटिंग में ही मिला फ्लैप हैंडल असेंबली को आग की वजह से काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा था। हालांकि, जांच में हैंडल 5 डिग्री की फ्लैप स्थिति में मजबूती से मिला। यह स्थिति सामान्य टेकऑफ फ्लैप सेटिंग के अनुसार थी। इस स्थिति की ईएएफआर डेटा से पुष्टि हुई थी। बोइंग बोला- जांच एजेंसियों का सहयोग कर रहे
बोइंग ने रिपोर्ट आने के बाद अपने बयान में कहा, 'हमारी संवेदनाएं एअर इंडिया फ्लाइट 171 के यात्रियों, क्रू मेंबर्स और अहमदाबाद में प्रभावित लोगों के परिवारों के साथ हैं। हम जांच एजेंसियों और अपने कस्टमर के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं।' यह बयान AAIB की शुरुआती जांच रिपोर्ट के बाद आया है। फ्यूल स्विच क्यों है इतना अहम?
ड्रीमलाइनर विमान के दोनों इंजनों में रन और कटऑफ नाम के दो पोजिशन होते हैं। अगर विमान हवा में है और स्विच कटऑफ पर चला जाए तो इंजन को फ्यूल मिलना बंद हो जाता है, जिससे ताकत (थ्रस्ट) खत्म हो जाती है और बिजली सप्लाई भी रुक सकती है, जिससे कॉकपिट के कई उपकरण भी बंद हो सकते हैं। ------------------------------- मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें... एअर इंडिया ने 4 कर्मचारियों से इस्तीफा मांगा, अहमदाबाद प्लेन क्रैश के 8 दिन बाद मनाया था जश्न एअर इंडिया ने अपने ग्राउंड हैंडलिंग वेंचर AISATS के 4 कर्मचारियों को इस्तीफा देने के लिए कहा है। ये कार्रवाई इनकी एक पार्टी का वीडियो वायरल होने के बाद की गई। इन कर्मचारियों ने अहमदाबाद प्लेन हादसे के 8 दिन बाद यह पार्टी की थी। पूरी खबर देखें...
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