JLF में परांजपे बोले-गांधी मुस्लिम तुष्टिकरण नीति अपना रहे थे:सावरकर ने उनसे कहा था कि यह भारत विभाजन की वजह बनेगी
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) में गांधी सावरकर और जिन्ना के सेशन में लेखक मार्कण्ड आर परांजपे ने कहा-खिलाफत आंदोलन खलीफा के पद को बहाल करने के लिए किया गया था। गांधी ने इसलिए समर्थन किया कि वे हिंदू मुस्लिम एकता चाहते थे। सावरकर ने इस बात का विरोध किया था। सावरकर ने गांधी को कहा- जिन पॉलिसी का आप प्रयोग कर रहे हैं। मुस्लिमों की तुष्टिकरण की नीति यह भारत का विभाजन करवाने की वजह बनेगी। इससे पहले मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास ने कहा- रिश्ते सबसे ज्यादा मायने रखते हैं, क्योंकि रिश्तों से ज्यादा जरूरी शायद कुछ भी नहीं होता। कब तक अकेले रहोगे? कोई तो चाहिए, जिससे अपनी कहानी शेयर कर सको। पैसा और सक्सेस सब रह जाएगा। अगर अकेले रह गए तो उनका क्या फायदा। लोग अक्सर मौत को बेवजह बदनाम करते हैं, जबकि असली तकलीफ तो जिंदगी से होती है। हर इंसान की जिंदगी में इस वक्त कोई न कोई ऐसा बोझ होता है, जो उसे अंदर से परेशान कर रहा होता है। सवाल यह है कि आज आप कौन-सा बोझ नीचे रखने को तैयार हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के दौर का जिक्र किया। कहा- आज लोग अपनी सेल्फी दुनिया को दिखा देते हैं, लेकिन दिल की बात कहने के लिए किसी अपने की जरूरत होती है। जाने-माने लेखक यतींद्र मिश्र ने कहा- प्रियजन जब बिछड़ जाते हैं, तब ही क्यों प्रसिद्धि या अवॉर्ड मिलते हैं। मैंने डेढ़ साल में अपनी मां और पिता को खोया, काश उनको मैं अवॉर्ड दिखा पाता। अयोध्या के पूर्व राज परिवार के सदस्य यतींद्र ने संजॉय के. रॉय को कहा कि आपने मुझे अयोध्या के राजा के रूप में संबोधित किया। मैं यहां कहूंगा कि अयोध्या के राजा श्री राम हैं। हम तो सेवक हैं। जयपुर के JLN मार्ग स्थित होटल क्लार्क्स आमेर में चल रहे जेएलएफ के तीसरे दिन (शनिवार) का सेशन राज्यसभा सांसद और इंफोसिस के सह-संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति की पत्नी सुधा मूर्ति की स्पीच के साथ शुरू हुआ। देश के जाने-माने लेखक यतींद्र मिश्रा को कन्हैयालाल सेठिया अवॉर्ड दिया गया। उधर, आज (शनिवार) होने वाले प्रमुख सत्रों में गांधी, सावरकर और जिन्ना के विचारों, उनकी विरासत और आज के भारत पर उनके प्रभाव को लेकर संवाद किया जाएगा। JLF की PHOTOS... पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए...
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