हिमाचल में PM के ड्रीम प्रोजेक्ट का विरोध:प्रदर्शनकारी बोले-बिजली महादेव रोप-वे मंजूर नहीं, कुल्लू-मंडी में सड़कों पर उतरे लोग; कंगना भी इसके खिलाफ

हिमाचल में PM के ड्रीम प्रोजेक्ट का विरोध:प्रदर्शनकारी बोले-बिजली महादेव रोप-वे मंजूर नहीं, कुल्लू-मंडी में सड़कों पर उतरे लोग; कंगना भी इसके खिलाफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट बिजली महादेव रोप-वे का हिमाचल में जबरदस्त विरोध हो रहा है। कुल्लू आज सैकड़ों लोग इस प्रोजेक्ट के खिलाफ सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारी इस प्रोजेक्ट को नहीं लगाने की मांग कर रहे हैं। मंडी के सेरी मंच पर भी लोगों ने रोष रैली निकालकर इस प्रोजेक्ट का विरोध जताया। वहीं कुल्लू के रामशीला में एकत्र हुए लोगों ने ढालपुर मैदान तक आक्रोश रैली निकाली। अब ढालपुर मैदान में प्रदर्शन कर रहे हैं। कुल्लू का ढालपुर ग्राउंड पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील है। सांसद कंगना रनोट भी कुछ समय पहले एक कार्यक्रम में इस प्रोजेक्ट का विरोध कर चुकी हैं। तब कंगना ने कहा था कि कि यदि देव समाज के लोग नहीं चाहते तो यह प्रोजेक्ट बंद होना चाहिए, क्योंकि उनके लिए देवता का आदेश आधुनिकीकरण से ज्यादा जरूरी है। PM मोदी के करीबी राम सिंह समेत कई भाजपा नेता भी इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं। कंगना से भी लोग नाराज भाजपा के पार्वती मंडल के अध्यक्ष संजय पंडित ने कहा, कंगना जब बिजली महादेव आई थीं तो यहां की जनता ने उनके सामने दुखड़ा सुनाया था और तब कंगना ने आश्वासन दिया था कि नितिन गडकरी से बात करके समाधान निकाला जाएगा। मगर अब कंगना फोन भी नहीं सुन रही। संजय पंडित के इस बयान से खलबली मच गई है। जन सैलाब बता रहा, कुल्लू की जनता प्रोजेक्ट नहीं चाहती: सुरेश बिजली महादेव संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेश ने कहा, प्रत्यक्ष को प्रमाण की जरूरत नहीं होती। आज का जन सैलाब खुद बता रहा है कि कुल्लू के लोग बिजली महादेव के साथ हैं, उन्हें रोपवे की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के उस बयान को हास्यस्पद बताया, जिसमें सुक्खू ने कहा था कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, सीएम सुक्खू के चहेते कुल्लू के विधायक इतने दिनों से इस प्रदर्शन को दबाने का प्रयास कर रहे हैं, यह शर्मनाक है। केंद्र तक पहुंचाएंगे आवाज: रामसिंह APMC कुल्लू के पूर्व अध्यक्ष राम सिंह ने कहा, देव समाज से जुड़े लोगों एवं संस्थाओं को एक होकर चलना होगा। उन्होंने कारदार संघ के अध्यक्ष को भी चेताया कि वे देव समाज से जुड़े लोगों का सम्मान करें और उनकी मुहिम में साथ चलें। उन्होंने कहा, सभी जगह कहा जा रहा है प्रोजेक्ट केंद्र सरकार का है। अगर ऐसा है तो इसके विरोध की आवाज दिल्ली तक किसी ने नहीं पहुंचाई। वह आपकी आवाज दिल्ली पहुंचाएंगे। इतिहास में पहली बार दर्शन को बंद किया गया मंदिर कुल्लू के लोगों के आराध्य बिजली महादेव मंदिर को रोप-वे प्रोजेक्ट के कारण इतिहास में पहली बार आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए बंद किया गया है। देव आदेशों से अगले 6 महीने तक देशभर से यहां पहुंचने वाले लोग बिजली महादेव के दर्शन नहीं कर पाएंगे। इससे कुल्लू में रोपवे प्रोजेक्ट को लेकर सियासी पारा गरमा गया है। बिजली महादेव प्रोजेक्ट का विरोध क्यों? रोपवे के 3 फायदे? PM मोदी कई बार बिजली महादेव गए इस प्रोजेक्ट का जिक्र PM मोदी ने 5 नवंबर 2017 को एक जनसभा में भी किया था। नरेंद्र मोदी जब हिमाचल भाजपा के प्रभारी थे, तो उस दौरान वह कई बार बिजली महादेव के दर्शन को यहां पहुंचे। मोदी एक बार बिजली महादेव जाते वक्त भाजपा नेता एवं APMC कुल्लू के पूर्व चेयरमैन राम सिंह के घर पर रुके थे। वहीं राम सिंह अब इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं। BJP के पूर्व जिला अध्यक्ष अरविंद चंदेल और पूर्व प्रत्याशी नरोत्तम ठाकुर भी इस प्रोजेक्ट के विरोध में खड़े हो गए हैं। पूर्व मंत्री एवं सांसद महेश्वर सिंह शुरू से ही इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं। मगर, जब इस प्रोजेक्ट का भूमि पूजन किया गया, तो उन्होंने इसमें शिरकत की। हालांकि बाद में उन्होंने मीडिया बयान जारी करके इसका खंडन किया। 2.3 किलोमीटर लंबा रोप-वे इस रोप-वे का निर्माण मोहल नेचर पार्क से नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) द्वारा किया जा रहा है। 2.3 किलोमीटर लंबे रोप-वे को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह रोपवे 'पर्वत माला प्रोजेक्ट' के तहत मंजूर किया गया था। इसमें एक केबल कार में 10 लोग बैठ सकेंगे। कुल्लू की जनता 3 तरफ बंटी कुल्लू से कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ठाकुर समेत कई नेता इस प्रोजेक्ट के समर्थन में आगे आए हैं। कुछ लोग देव आदेशों का हवाला देकर किसी भी सूरत में प्रोजेक्ट नहीं लगने देने की चेतावनी दे चुके हैं। कुछ लोग इसे टूरिज्म के लिए अच्छा कदम बता रहे हैं। देव समाज पर आस्था रखने वाले लोगों का कहना है कि इससे बिजली महादेव में गंदगी के साथ साथ पर्यावरण को भी नुकसान होगा। गडकरी ने मार्च 2024 में शिलान्यास किया केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मार्च 2024 में इस प्रोजेक्ट का वर्चुअली शिलान्यास किया और इस प्रोजेक्ट के लिए 272 करोड़ रुपए मंजूर किए थे।