हिमाचल में 99 दिन बाद हुई मानसून की विदाई:पहाड़ों पर बढ़ने लगी गर्मी; 14 शहरों का पारा 30° पार, ऊना का 36° तापमान

हिमाचल में 99 दिन बाद हुई मानसून की विदाई:पहाड़ों पर बढ़ने लगी गर्मी; 14 शहरों का पारा 30° पार, ऊना का 36° तापमान
हिमाचल से मानसून आज पूरी तरह विदा हो चुका है। पूरे प्रदेश से 99 दिन के अंतराल के बाद मानसून की विदाई हुई है। प्रदेश के 8 जिलों में दो दिन पहले ही मानसून विड्रा हो चुका था। मौसम विभाग ने आज औपचारिक तौर पर सभी 12 जिलों से मानसून की विदाई की घोषणा कर दी है। मानसून की विदाई के बाद गर्मी का प्रकोप बढ़ने लगा है। ऊना का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 डिग्री के उछाल के साथ 36 डिग्री पहुंच गया है। प्रदेश के 26 शहरों में से 14 जगह का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पार कर चुका है। पांच-छह दिन से खिल रही धूप से तापमान में उछाल आया है। प्रदेश का औसत अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक हो गया है। आमतौर पर ठंडे रहने वाले केलांग के अधिकतम तापमान में सबसे ज्यादा 5.6 डिग्री और कल्पा के तापमान में 5.2 डिग्री का उछाल रिकॉर्ड किया गया है। सोलन का तापमान 3.1 डिग्री के उछाल के साथ 31 डिग्री और शिमला का पारा सामान्य से 2.9 डिग्री के उछाल के साथ 25.6 डिग्री सेल्सियस हो गया है। अन्य शहरों का पारा भी इसी तरह सामान्य से अधिक हो गया है। रात के तापमान में भी उछाल रात के समय न्यूनतम तापमान भी नॉर्मल से ज्यादा चल रहा है। मौसम विभाग की माने तो प्रदेश में अगले छह दिन तक धूप खिलने का पूर्वानुमान है। इससे खासकर दिन के तापमान में उछाल आएगा। मनाली का न्यूनतम तापमान भी 5.1 डिग्री के उछाल के साथ 15.1 डिग्री सेल्सियस हो गया है। प्रमुख पर्यटन स्थलों का तापमान प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर इन दिनों मौसम सुहावना हो गया है। शिमला का अधिकतम तापमान 25.6 डिग्री, धर्मशाला का 29.1 डिग्री, मनाली का 26.2 डिग्री, कुफरी का 20.7 डिग्री और नारकंडा का 21.5 डिग्री सेल्सियस चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले 6 दिन धूप खिलने का पूर्वानुमान है। मानसून में 4881 करोड़ का नुकसान प्रदेश के ज्यादातर भागों से मानसून विदा हो चुका है। राज्य में इससे जान और माल दोनों को भारी नुकसान पहुंचा है। राज्य में इससे 4881 करोड़ रुपए की सरकारी व निजी संपत्ति तबाह हुई है। मानसून सीजन में 454 लोगों की जान गई है, जबकि 50 लोग लापता है। भारी बारिश से 1736 घर पूरी तरह जमींदोज और 7494 घरों को आंशिक नुकसान हुआ है। इस दौरान 30 हजार पालतू मवेशी भी आपदा का शिकार बने है।