रोहतक PGIMS में ऑर्गन ट्रांसप्लांट पर जोर:गायक गजेंद्र फौगाट बने ब्रांड एम्बेसडर, अब तक 16 ट्रांसप्लांट सफल, लिवर डॉक्टर की तलाश

रोहतक PGIMS में ऑर्गन ट्रांसप्लांट पर जोर:गायक गजेंद्र फौगाट बने ब्रांड एम्बेसडर, अब तक 16 ट्रांसप्लांट सफल, लिवर डॉक्टर की तलाश
रोहतक की पंडित भगवत दयाल स्वास्थ्य विज्ञान यूनिवर्सिटी ने अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। यूनिवर्सिटी ने हरियाणवी गायक गजेंद्र फौगाट को अपना ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया है। यूनिवर्सिटी से जुड़े PGIMS रोहतक में अब ऑर्गन ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध है। अब तक 16 मामलों में सफलतापूर्वक अंग प्रतिरोपण (ट्रांसप्लांट) किया जा चुका है, जिसमें लाइव रिलेटिव डोनर और ब्रेन डेड डोनर दोनों शामिल हैं। वीसी बोले- भ्रांतियां दूर करना जरूरी हेल्थ यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि लोगों में अंगदान को लेकर कई भ्रांतियां हैं, जिन्हें सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों के जरिए दूर किया जाएगा। गजेंद्र फौगाट लोगों को गानों और कार्यक्रमों के जरिए अंगदान के लिए प्रेरित करेंगे। यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लिवर ट्रांसप्लांट के लिए योग्य टीम की तलाश पीजीआईएमएस में ऑर्गन ट्रांसप्लांट की सुविधा तो उपलब्ध हो गई है, लेकिन अभी तक लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा नहीं है। लिवर ट्रांसप्लांट शुरू करने के लिए योग्य डॉक्टर की तलाश जारी है। यूनिवर्सिटी की तरफ से 5 बार विज्ञापन निकाला गया है, लेकिन अभी तक योग्य डॉक्टर नहीं मिल पाया। लेकिन यूनिवर्सिटी ने हार नहीं मानी है और लगातार प्रयास किया जा रहा है। गजेंद्र फौगाट ने खुद का अनुभव किया साझा ब्रांड एम्बेसडर बनाए गए गजेंद्र फौगाट ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि उसका फैटी लिवर तीसरी स्टेज पर पहुंच गया था, जो अगर चौथी स्टेज पर पहुंच जाता तो उसे ट्रांसप्लांट करवाने की जरूरत होती। लेकिन उन्होंने डाइट पर कंट्रोल किया और फैटी लिवर को दूसरी स्टेज तक लेकर आए। अगर पीजीआई में ऑर्गन ट्रांसप्लांट की सुविधा मिलती है, तो मरीजों को इसका लाभ होगा। जल्दी ही निकालेंगे जागरूकता पर गीत गजेंद्र फौगाट ने कहा कि अंगदान को लेकर पीजीआईएमएस ने उन्हें ब्रांड एम्बेसडर बनाया है और इसे लोगों तक पहुंचाने के लिए जल्द ही एक गीत भी निकालेंगे। साथ ही गांवों तक अंगदान का प्रचार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। कार्यक्रमों के माध्यम से भी लोगों को जागरूक करने का काम किया जाएगा।