'मेरी हत्या की साजिश रची जा रही':Y+ कैटेगरी की सुरक्षा हटाए जाने पर भड़के पप्पू यादव, संजय झा पर साजिश रचने का लगाया आरोप

'मेरी हत्या की साजिश रची जा रही':Y+ कैटेगरी की सुरक्षा हटाए जाने पर भड़के पप्पू यादव, संजय झा पर साजिश रचने का लगाया आरोप
बिहार में चुनावी सरगर्मी के बीच बयानबाजी का दौर तेज है। चुनाव की तारीखों का ऐलान कभी भी हो सकता है। चुनाव आयोग ने बिहार सरकार को 6 अक्टूबर तक सरकारी कर्मचारियों के तबादले की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। इधर, चुनाव से पहले नीतीश सरकार ने पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की सुरक्षा घटा दी है। इसी साल 10 अगस्त को ही उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई थी। बिहार में चुनावी माहौल के बीच सियासी उठापटक, बयानबाजी से जुड़ी हर अपडेट्स जानिए... Y+ सुरक्षा हटाए जाने पर भड़के पप्पू यादव, बोले- मेरी जान को खतरा है पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया अपनी सुरक्षा को लेकर आरोप लगाए हैं। पप्पू यादव ने लिखा कि उन्हें एक महीने पहले Y+ सुरक्षा दी गई थी, लेकिन मात्र एक महीने के भीतर यह सुरक्षा हटा दी गई। उनका आरोप है कि यह एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। सांसद ने सीधे तौर पर जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए पार्टी को बेच रहे हैं। उन्होंने कहा, संजय झा सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए नीतीश कुमार के बेटे निशांत जी की राजनीतिक संभावनाओं का सौदा कर रहे हैं। इसके जरिए वह सम्राट के लिए सत्ता की सीढ़ी तैयार कर रहे हैं। भारत के विश्व गुरु वाले सवाल पर शंकराचार्य का तंज, बोले- न तो गुरु हो पा रहे हैं, न चेला जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गुरुवार को औरंगाबाद पहुंचे। यहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कहा कि पहले हम विश्व चेला तो हो जाए, चेला भी हो जाए तो बड़ी प्रतिष्ठा होगी, लेकिन फिलहाल न तो गुरु हो पा रहे हैं, न चेला। दरअसल, उनसे सवाल पूछा गया कि क्या भारत विश्व गुरु की ओर बढ़ रहा है, तो उन्होंने ये जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मैंने जो कुछ कहा है, उसके पीछे की वजह है कि हम अपनी संस्कृति को भूल गए। अगर हम आज भी अपनी संस्कृति को अपनाना शुरू करें तो फिर से विश्व गुरु हो सकते हैं। क्योंकि हमारे पास पहले से ही इतना मटेरियल है। हमारे पूर्वजों ने बहुत परिश्रम किया है। पूर्वजों ने हमें वह सब कुछ दिया है, जिसकी वजह से हम विश्व गुरु हो सकते हैं। लेकिन हमने उसे बेकार घोषित कर दिया। धर्मेंद्र प्रधान बने बीजेपी के बिहार चुनाव प्रभारी बीजेपी ने बिहार चुनाव के लिए धर्मेंद्र प्रधान को प्रभारी बनाया है। सीआर पाटिल और केशव मौर्य को सह प्रभारी बनाया गया है। मीडिया प्रभारी संजय मयूख ने ये जानकारी दी है। धर्मेंद्र प्रधान का बिहार से गहरा नाता रहा है। साल 2012 में वे बिहार से राज्यसभा सांसद चुने गए और 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की जीत में अहम रणनीतिकार रहे थे। जब भी बीजेपी और जदयू के बीच तनाव की स्थिति बनी तो धर्मेंद्र ने संकटमोचक की भूमिका निभाई। राजनीति के जानकार कहते हैं कि धर्मेंद्र प्रधान की मुख्यमंत्री नीतीश से नजदीकी और बिहार की जमीनी समझ उन्हें NDA के लिए महत्वपूर्ण बनाती है। मुजफ्फरपुर में NDA के सम्मेलन में हंगामा मुजफ्फरपुर में गुरुवार को एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन में जमकर हंगामा हुआ। सम्मेलन में JDU और लोजपा (रामविलास) के समर्थक आमने-सामने हो गए। जारंग हाईस्कूल मैदान में दोनों पार्टियों के टिकट के दावेदारों के समर्थक आपस में भिड़ गए। गायघाट सीट से पूर्व विधायक महेश्वर प्रसाद यादव के बेटे प्रभात किरण (जेडीयू) और लोजपा की पूर्व प्रत्याशी कोमल सिंह (MLC दिनेश सिंह और MP वीणा देवी की पुत्री) के बीच लंबे समय से टिकट को लेकर रस्साकशी चल रही है। गुरुवार को हुए सम्मेलन में दोनों गुटों के समर्थकों में नारेबाजी शुरू हुई, जो देखते ही देखते तीखी नोकझोंक और फिर मारपीट में बदल गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मंच पर भी प्रभात किरण और कोमल सिंह के बीच तीखी बहस हो गई। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने मंच पर रखी टेबल पलट दी और कुर्सियां तोड़ दीं। हंगामे के बीच कई नेताओं को घेरकर नारेबाजी की गई। जिससे सम्मेलन स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। हंगामे में 12 लोगों के घायल होने की खबर है। NDA सम्मेलन में हंगामे की कुछ तस्वीरें... RJD में मुसलमानों की इज्जत नहीं वैशाली के राघोपुर में NDA की कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। शाहनवाज ने कहा कि RJD में मुसलमानों की कोई इज्जत नहीं है। लालू और तेजस्वी मुसलमानों से वोट लेकर उनके हक छीन लेते हैं। इस विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव राघोपुर से नहीं जीतेंगे और यहां कमल खिलेगा। उन्होंने ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में हिंदू-मुस्लिम को भड़काने आए हैं। सीमांचल के लोग ओवैसी के बहकावे में नहीं आएंगे। 6 अक्टूबर के बाद बिहार चुनाव की तारीखों का हो सकता है ऐलान चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य सरकार के महकमों को 6 अक्टूबर तक सरकारी पदाधिकारियों और कर्मियों के तबादले की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। साथ ही, उसी दिन तबादला और पोस्टिंग से संबंधित रिपोर्ट भी मांगी है। चुनाव आयोग के इस निर्देश के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि, विधानसभा चुनाव की घोषणा अब 6 अक्टूबर के बाद कभी भी हो सकती है। निर्देश में यह भी कहा गया है कि किसी भी अधिकारी या कर्मी का तबादला उसके गृह जिले में नहीं होना चाहिए। साथ ही, जिन अधिकारियों और कर्मियों का कार्यकाल 30 नवम्बर तक 3 साल पूरा हो रहा है, उनका ट्रांसफर जरूर किया जाए। निर्वाचन आयोग ने यह पत्र मुख्य सचिव के साथ-साथ पुलिस महानिदेशक, विकास आयुक्त और सभी विभागों के प्रधान सचिवों को भी भेजा है। इस बीच चुनाव आयोग की टीम मुख्य चुनाव आयुक्त के नेतृत्व में कभी भी बिहार आ सकती है। बता दें कि इस साल 22 नवंबर तक नीतीश सरकार कार्यकाल पूरा हो रहा है। बिहार की राजनीति से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए...