बिहार वोटर वेरिफिकेशन-EC ने जारी की नई लिस्ट:RJD नेता बोले- 65 लाख 6 हजार 375 नाम कटे; समस्तीपुर में सबसे ज्यादा 2.83 लाख नाम हटे

बिहार वोटर वेरिफिकेशन-EC ने जारी की नई लिस्ट:RJD नेता बोले- 65 लाख 6 हजार 375 नाम कटे; समस्तीपुर में सबसे ज्यादा 2.83 लाख नाम हटे
बिहार में चुनाव आयोग ने शुक्रवार को नई वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इसे सभी 38 जिलों के DM के साथ राजनीतिक पार्टियों से साझा किया गया है। नई लिस्ट इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट पर पब्लिश हो गई है। बिहार में कुल 65 लाख वोटर्स के लिस्ट से नाम कटे हैं। नई लिस्ट प्रदेश में चलाए गए घर-घर मतदाता सत्यापन अभियान के आधार पर तैयार की गई है। मतदाता को वोटर लिस्ट में नाम जुड़ने, हटने या गलत जानकारी को लेकर शिकायत है, तो उन्हें सुधार का एक मौका मिलेगा। इसे लेकर 2 अगस्त से एक सितंबर 2025 तक विशेष कैंप लगाए जाएंगे, जहां मतदाता अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करवा सकेंगे। राजद के हेडक्वार्टर इंचार्ज मुकुंद सिंह ने बताया कि, 65 लाख 6 हजार 375 नाम काट दिए गए हैं। ये नाम ड्राफ्ट होकर नहीं आए हैं। आज सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधित्व के साथ निर्वाचन आयोग ने बैठक की थी।' अब जानिए किस जिले में कितने नाम हटे किशनगंज में 1,45,913 नाम लिस्ट में नहीं किशनगंज की चारों विधानसभा में लगभग 1,45,913 कुल मतदाता का नाम लिस्ट में नही है। इसमें मृतक, पलायन कर चुके, लापता या डुप्लीकेट (2-2 जगह) नाम वाले मतदाता शामिल हैं। इनमें सबसे अधिक किशनगंज विधानसभा क्षेत्र में 49,340 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए। वहीं, सबसे कम ठाकुरगंज में 29,277 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए। वहीं, बहादुरगंज में 36,574 और कोचाधामन में 30,722 वोटरों के नाम मतदाता सूची से काटे गए। चारों विधानसभा किशनगंज, बहादुरगंज, कोचाधामन, ठाकुरगंज विधानसभा के कुल 12 लाख 31 हजार 910 मतदाताओं में से 10 लाख 85 हजार 996 मतदाताओं के EFS फॉर्म जमा हो चुके हैं। सहरसा में 1.31लाख वोटर्स के नाम कटे सहरसा की 4 अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र के कुल 13,91,674 वोटर थे, लेकिन (SIR) स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के बाद 12 लाख 60 हजार 78 मतदाता रह गए है। 1 लाख 31 हजार 596 मतदाताओं का नाम इस जिले में कटा है। खगड़िया में 79,551 मतदाताओं के नाम कटे खगड़िया में पहले कुल 12,16,202 मतदाता थे, जो अब 11,36,651 रह गए हैं। 79,551 के नाम कटे हैं। चारों विधानसभा क्षेत्रों में नए आंकड़े जारी किए गए हैं। सारण में 2.73 लाख वोटर्स के नाम कटे सारण जिला में 2,73,223 नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए है। पहले 31,34,108 मतदाता थे,लेकिन SIR के बाद अब 28,60,885 मतदाता न सूची तैयार हुआ है। शेखपुरा में 26, 256 वोटर्स के नाम कटे शेखपुरा में 5,11,468 मतदाता थे। अब 4,85,212 मतदाता बचे हैं। शेखपुरा में 26,256 मतदाताओं के नाम कट गए हैं। 26,256 मतदाताओं में से 13015 मतदाता शेखपुरा विधानसभा क्षेत्र में है। जबकि 130241 मतदाता बरबीघा विधानसभा क्षेत्र में हैं। बक्सर में 87,645 वोटर्स के नाम कटे बक्सर में कुल 1,351,861 मतदाताओं में से 87,645 नाम हटाए गए हैं। अब कुल वोटर्स की संख्या 12,64,216 है। सुपौल में 1 लाख 28 हजार 207 वोटर्स के नाम कटे सुपौल में पहले 16,40,664 वोटर्स थे। अब 15,12,457 बचे हैं। कुल 1,28,207 मतदाताओं के नाम कटे हैं। भागलपुर में कुल 2 लाख 44 हजार 612 मतदाताओं के नाम कटे हैं। भागलपुर में पहले कुल 24 लाख 414 मतदाता थे। जो अब घटकर 21 लाख 55 हजार 802 रह गए हैं। इस जिले में 2 लाख 44 हजार 612 वोटर्स के नाम कटे हैं। पश्चिम चंपारण में 1,91,376 वोटर्स के नाम कटे पश्चिम चंपारण में पहले 27,60990 मतदाता थे,लेकिन अब 25,69,614 मतदाता की सूची तैयार की गई है। जिला में 1,91,376 वोटर्स के नाम कटे हैं। दरभंगा में जिला निर्वाचन पदाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि जिले में 30,03,167 मतदाता थे। इसमें 2 लाख 3 हजार 315 लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए हैं। पूर्णिया में 2,73,934 वोटर्स के नाम काटे गए जिले में पुराने वोटर की संख्या 22,48,303 थी। अब कुल वोटर्स की संख्या 19 लाख 94 हजार 412 हो गई है। मधेपुरा में 99,076 नाम लिस्ट में नहीं है मधेपुरा की चारों विधानसभा में 99,076 मतदाता का नाम लिस्ट में नहीं है। इसमें मृतक, स्थानांतरित और डुप्लीकेट श्रेणी के मतदाता शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा आलमनगर विधानसभा क्षेत्र में 32,657 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। वहीं सबसे कम सिंहेश्वर में 20,820 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। जबकि बिहारीगंज में 21,424 तथा मधेपुरा में 23,175 के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। मधेपुरा में पहले 14 लाख 32 हजार 119 मतदाता थे। अब 13 लाख 33 हजार 043 मतदाता हैं। समस्तीपुर में 2,83,955 मतदाताओं के नाम काटे गए जिले में 31 लाख 45 हजार 370 मतदाता थे। नए लिस्ट के अनुसार 28 लाख 61 हजार 415 मतदाताओं के नाम है। 2,83,955 मतदाताओं ने फॉर्म जमा नहीं किया है। जिस कारण उनका नाम काट दिए गए है। पटना में 3,95,500 मतदाताओं के नाम काटे गए पटना के 14 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में 50 लाख 47 हजार 194 मतदाता थे। अब ये संख्या 46 लाख 51 हजार 694 है। 3,95,500 मतदाताओं का नाम अलग-अलग कारण मृत्यु, अनुपस्थित या स्थाई रूप से स्थानांतरण के कारण काट दिए गए है। बेगूसराय में 167756 मतदाताओं के नाम काटे गए बेगूसराय जिले में कुल 2245144 मतदाता सूची में शामिल थे। अब ये संख्या 2077388 रह गई है। 167756 वोटर्स के नाम काट दिए गए है। औरंगाबाद में 1,59,978 मतदाताओं के नाम काटे गए औरंगाबाद में छह विधानसभा में 1927443 मतदाता थे। अब ये संख्या घटकर 1767465 हो गई है। औरंगाबाद में 1,59,978 मतदाताओं के नाम काटे गए। मुजफ्फरपुर में 2,82,845 मतदाताओं के नाम काटे गए मुजफ्फरपुर के 11 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में 34 लाख 86 हजार 215 मतदाता थे। अब ये संख्या 32 लाख 03 हजार 370 हो गई है। 2,82,845 मतदाताओं का नाम अलग-अलग कारणों से काट दिए गए है। पूर्व IAS अधिकारी और उनकी पत्नी का नाम वोटर लिस्ट से कटा पूर्व IAS अधिकारी व्यासजी और उनकी पत्नी का वोटर लिस्ट में नाम शामिल नहीं है। व्यास जी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि BLO को सभी जरूरी कागजात देने के बाद भी नाम कटा है। सूची में लिखा गया BLO से संपर्क करे। 2024 में व्यास जी ने मतदान का प्रयोग किया था। इन जगहों पर लगाए जाएंगे कैंप लिस्ट में नए नाम जुड़वाने के लिए 2 अगस्त से एक सितंबर 2025 तक विशेष कैंप लगाए जाएंगे। बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल के निर्देश के अनुसार, विशेष कैंप सभी प्रखंड सह अंचल कार्यालयों, नगर निकाय कार्यालयों, नगर परिषद/नगर निगम कार्यालयो में लगाए जाएंगे। 2 अगस्त से 1 सितंबर के बीच इन विशेष कैंपों में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक काम होगा। रविवार को भी कैंप में कर्मचारी काम करेंगे। वहीं, बीएलओ को निर्देश दिया गया है कि दिव्यांग और बुजुर्ग के घर जाकर आवेदन लें। ताकि वो भी बिना किसी परेशानी के मतदाता सूची में शामिल हो सकें। बिहार में वोटर लिस्ट पुनरीक्षण के पहले चरण के आंकड़े चुनाव आयोग के बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन के पहले चरण के आंकड़े के अनुसार, कुल मतदाताओं की संख्या घटकर 7.24 करोड़ रह गई है, जबकि पहले यह आंकड़ा 7.89 करोड़ था। यानी करीब 65 लाख मतदाताओं के सूची से हटाए गए हैं। हटाए गए नामों के पीछे का कारण वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों में वे लोग शामिल हैं, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। इसके अलावा स्थायी रूप से किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं या जिनके नाम दो बार दर्ज थे। आंकड़ों के अनुसार, 22 लाख मतदाताओं की मौत हो चुकी है, 36 लाख मतदाता अन्य स्थानों पर स्थानांतरित पाए गए हैं और 7 लाख लोग किसी नए जगह स्थायी निवासी बन चुके हैं। 24 जून 2025 से शुरू हुआ था विशेष अभियान SIR 24 जून 2025 को शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य था फर्जी, दोहराए गए और स्थानांतरित मतदाताओं को सूची से हटाना और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ना। इस कार्य के तहत 7.24 करोड़ मतदाताओं से फॉर्म लिए गए। पहला चरण 25 जुलाई 2025 तक पूरा किया गया, जिसमें 99.8% कवरेज हासिल की गई। सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था मामला सुप्रीम कोर्ट ने 4 दिन पहले वोटर लिस्ट रिवीजन जारी करने की अनुमति दी थी। अदालत ने इसे संवैधानिक जिम्मेदारी बताया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने विशेष गहन पुनरीक्षण की टाइमिंग पर सवाल उठाए थे। वहीं, अदालत ने चुनाव आयोग से कहा था कि बिहार में SIR के दौरान आधार, वोटर आईडी, राशन कार्ड को भी पहचान पत्र माना जाए। कोर्ट ने ये भी कहा था अगर प्रक्रिया में खामी मिली तो हम SIR को रद्द कर देंगे। --------------------------------- ये भी पढ़ें बिहार की वोटर लिस्ट से 65 लाख नाम हटे:22 लाख की मौत हो चुकी; SIR के आंकड़े जारी, राज्य में 7.24 करोड़ वोटर चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के पहले चरण के आंकड़े जारी कर दिए हैं। इसके मुताबिक बिहार में अब 7.24 करोड़ वोटर हैं। पहले यह आंकड़ा 7.89 करोड़ था। वोटर लिस्ट रिवीजन के बाद 65 लाख नाम सूची से हटा दिए गए हैं। हटाए गए नामों में वे लोग शामिल हैं, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं या फिर कहीं और स्थायी रूप से रह रहे हैं या जिनका नाम दो वोटर लिस्ट में दर्ज था। पूरी खबर पढ़ें