बिहार के 37 जिलों में आबादी से ज्यादा आधार कार्ड:मुस्लिम बहुल 5 जिलों में हर 100 व्यक्ति पर 120 से ज्यादा आधार, जानिए प्रदेश का हाल
विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में हो रहे वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन पर सियासत गर्म है। विपक्ष सवाल पूछा रहा है कि सूची में नाम के लिए आधार कार्ड को मान्यता क्यों नहीं दी जा रही? वहीं एक मामला ये भी है कि बिहार के 38 जिलों में से 37 में आबादी से ज्यादा आधार कार्ड बने हैं। सीमांचल इलाके के चार जिलों कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज और अररिया में आधार कार्ड की संख्या आबादी से 120% से ज्यादा है। आधार कार्ड सैचुरेशन के आंकड़ों ने कई सवाल उठाए हैं। क्या बिहार के मुस्लिम बहुल जिलों में आबादी से ज्यादा आधार बन रहा है? क्या ऐसा इसलिए हो रहा है ताकि घुसपैठिए बिहार में चल रही वोटर रिवीजन लिस्ट में अपना नाम जुड़वा जा सकें? ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जो इन दिनों सोशल मीडिया में लगातार उठ रहे हैं। दरअसल, आधार सैचुरेशन के आंकड़ों से पता चला कि 68 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले किशनगंज में सैचुरेशन 126% है। 44 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले कटिहार में 123% और 43 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले अररिया में 123% है। जबकि, 38 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले पूर्णिया में यह सैचुरेशन 121% है। इसका मतलब हुआ कि हर 100 व्यक्ति पर 120 से ज्यादा आधार कार्ड बने हैं। भास्कर ने इस पूरे मामले की पड़ताल की, तो सामने आया कि बिहार के 37 जिलों में आबादी से ज्यादा आधार कार्ड बने हैं। पढ़िए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट... सवाल-1ः आधार सैचुरेशन होता क्या है? जवाबः किसी जिले या एरिया की कुल जनसंख्या की तुलना में कितने लोगों ने आधार बनवाया है। उसे आधार सैचुरेशन कहते हैं। जैसे- मान लीजिए। एक जिले में 100 लोग रहते हैं। उसमें से 80 लोगों के पास आधार है। तब उस जिले का आधार सैचुरेशन 80 फीसदी हुआ। अगर 100 लोग हैं और जिले में 110 आधार बना है तो सैचुरेशन 110 फीसदी हो जाएगा। आमतौर पर ये आंकड़ा 100 फीसदी या इसके नीचे होना चाहिए। सवाल-2ः क्या बिहार के सिर्फ मुस्लिम बहुल जिलों में ही आधार सैचुरेशन अधिक है? जवाबः नहीं। UIDAI के आंकड़ों के मुताबिक, 38 जिले में से 37 जिलों में आधार सैचुरेशन अधिक है। सिर्फ जहानाबाद में 100 से 3 कम 97 फीसदी है। हां, यह जरूर है कि मुस्लिम बहुल जिलों में आधार सैचुरेशन बाकी जिलों की तुलना में अधिक है। ग्राफिक्स के जरिए जानिए, बिहार में कहां कितना आधार सैचुरेशन है… सवाल-3ः क्या सिर्फ बिहार में आधार सैचुरेशन अधिक है? बाकी राज्यों की क्या स्थिति है? जवाबः UIDAI के आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में कुल 11 करोड़ 48 लाख 98 हजार 440 लोगों ने आधार बनवाया है, जो कुल टेंटेटिव अबादी का 94 फीसदी है। यानी राज्य का ओवर ऑल आधार सैचुरेशन 94 फीसदी है। देश के 25 ऐसे राज्य हैं, जहां आधार सैचुरेशन 100 फीसदी से अधिक है। सबसे अधिक दिल्ली, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में है। ग्राफिक्स के जरिए जानिए, बाकी राज्यों में कितना बना आधार…। सवाल-4ः किस परिस्थिति में आधार सैचुरेशन अधिक हो सकता है? जवाबः UIDAI के एक अफसर ने बताया, 'कुछ दिनों से चर्चा है कि मुस्लिम बहुल जिलों में आबादी से ज्यादा आधार बने हैं, लेकिन लोग यह भूल जा रहे हैं कि मरने के बाद भी आधार चालू रहता है। व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके आधार कार्ड को रद्द करने की कोई व्यवस्था नहीं है।' ‘आधार का इस्तेमाल आजकल सिम लेने से लेकर निवास प्रमाण पत्र बनवाने तक में हो रहा है। बैंक खाता खोलने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने आदि में धड़ल्ले से हो रहा है। इस कारण सब लोग आधार बनवा रहे हैं। आधार को बंद करने या सरेंडर करने का कोई प्रावधान नहीं है।' आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 1 से 6 जुलाई के बीच किशनगंज में निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 1,27,000 आवेदन आए हैं। सवाल-5ः अधिक आधार बनने से क्या दिक्कतें हो सकती हैं? जवाबः किसी भी हालात में जनसंख्या से अधिक आधार नहीं बनना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो इसके गलत इस्तेमाल की संभावना बनी रहती है। खासकर सीमांचल एरिया अपने भौगोलिक स्थिति के कारण काफी संवेदनशील है। यह पश्चिम बंगाल और नेपाल की सीमा से लगा है। बांग्लादेश से ज्यादा दूर नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, इस क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों की मौजूदगी लंबे समय से सरकार के लिए चिंता का विषय रही है। चुनाव आयोग के अफसरों ने एक न्यूज एजेंसी को बताया, 'हमने मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए घर-घर जाकर दौरे किए। इस दौरान हमें नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार से आए लोग बड़ी संख्या में मिले हैं।' EC अफसरों के मुताबिक, '1 अगस्त के बाद ऐसे लोगों की जांच होगी। 30 सितंबर को पब्लिश होने वाली आखिरी मतदाता सूची में अवैध प्रवासियों के नाम शामिल नहीं किए जाएंगे।' सवाल-6ः आपके आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा, यह कैसे चेक करें? जवाबः आपकी अनुमति के बिना कोई आपके आधार का गलत इस्तेमाल तो नहीं कर रहा है, यह जानने के लिए आप आसानी से आधार कार्ड की हिस्ट्री चेक कर सकते हैं। इसके लिए इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं। सबसे पहले https://myaadhaar.uidai.gov.in के ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं। होम पेज पर मौजूद लॉगिन के ऑप्शन पर क्लिक करें। लॉगिन करने के लिए आधार कार्ड का 12 अंकों का नंबर और कैप्चा कोड डालने के बाद OTP भेजें। इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा। उसे डालने के बाद लॉगिन करें। इसके बाद ऑथेंटिकेशन टाइप डाटा रेंज और OTP वेरिफिकेशन के बाद आधार की हिस्ट्री आपके सामने आ जाएगी। आधार कार्ड से जुड़ी किसी तरह की समस्या या शिकायत के लिए 1947 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। यह एक टोल-फ्री नंबर होता है, जो UIDAI द्वारा जारी किया गया है। ------------------------- ग्राफिक- नीरज पुरी
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