बांधवगढ़ में 12 हाथियों को मिला यूनिक आईडी नंबर:सिर-कान-पूंछ की फोटो से होगी पहचान, ई-1 से शुरू हुई नंबरिंग
मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली हाथियों की पहचान के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। टाइगर रिजर्व प्रबंधन अब हाथियों की विशेष आईडी बना रहा है। इससे हाथियों की सटीक संख्या और उनके झुंड की जानकारी मिल सकेगी। रिजर्व के नौ परिक्षेत्रों की 139 बीटों में हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। हाथी विशेषज्ञ मौके पर जाकर हाथियों के सिर, कान, पूंछ और पीठ की तस्वीरें लेते हैं। इन तस्वीरों के आधार पर आईडी बनाई जाती है। हाथियों को ई-1 से शुरू होने वाले नंबर दिए जा रहे हैं। विशेषज्ञ जंगल में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) की अनुमति से जा रहे है। इस नई व्यवस्था से हाथियों की निगरानी और पहचान आसान हो जाएगी। साथ ही उनके मूवमेंट की जानकारी भी प्रबंधन के पास रहेगी। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 2018 के बाद से जंगली हाथियों की मूवमेंट बढ़ी है। लगातार टाइगर रिजर्व और टाइगर रिजर्व से जुड़े हुए क्षेत्र में जंगली हाथी पहुंचते हैं। जंगली हाथियों को नई पहचान देना भी एक चुनौती है। जंगली हाथियों की मूवमेंट की निगरानी करने के साथ उसे क्षेत्र में पहुंचकर सावधानी के साथ हाथियों की फोटो लेकर उसे मिलान करने के बाद हाथियों की आईडी बनाई जाती है। क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय के अनुसार, अब तक 12 हाथियों की आईडी बन चुकी है। 8 अन्य हाथियों की एक तरफ से फोटो ली गई है। टाइगर रिजर्व की टीम सुरक्षा का विशेष ध्यान रखती है। वे सुनिश्चित करते हैं कि फोटो लेते समय जंगली हाथी टीम को नुकसान न पहुंचाएं। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में लगभग 60 से 80 हाथी है। सभी की आईडी बनाई जाएगी।
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