गडकरी बोले-ऐसे लोगों की जरूरत जो सरकार पर केस करें:नेताओं-सिस्टम में अनुशासन के लिए कोर्ट का सहारा लेना जरूरी है

गडकरी बोले-ऐसे लोगों की जरूरत जो सरकार पर केस करें:नेताओं-सिस्टम में अनुशासन के लिए कोर्ट का सहारा लेना जरूरी है
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, 'समाज में कुछ ऐसे लोग भी होने चाहिए, जो सरकार के खिलाफ केस दाखिल कर सकें। अगर सिस्टम में अनुशासन चाहिए तो सरकार के खिलाफ अदालत का सहारा लेना जरूरी है।' उन्होंने कहा- कई बार अदालत का आदेश ऐसे काम भी करवा देते हैं, जो सरकार नहीं करवा पातीं। समाज में कुछ लोगों को सरकार के खिलाफ अदालत में याचिकाएं दाखिल करनी चाहिए। इससे नेताओं और सिस्टम में अनुशासन आता है। गडकरी ने कहा कि ऐसा इसलिए क्योंकि जनता को लुभाने की राजनीति नेताओं-मंत्रियों के आड़े आती है और वे जनहित में कदम नहीं उठा पाते। गडकरी ने कई उदाहरण दिए, जिनमें केंद्र-राज्य सरकारों को खिलाफ याचिका दाखिल की गई थी। उन्होंने कहा कि प्रशासन में अनुशासन बनाए रखने के लिए यह जरूरी चीज है। दरअसल, 13 जुलाई को नितिन गडकरी नागपुर पहुंचे थे। वहां वहां 'प्रकाश देशपांडे स्मृति कुशल संगठक पुरस्कार समारोह' में उन्होंने ये बात कही थी। समाज में जागरूक-जुझारू लोगों की मौजूदगी जरूरी गडकरी ने कुशल संघटक के तौर पर सम्मानित लोगों की सराहना की। उन्होंने कहा- इन लोगों ने सरकार के खिलाफ कई कानूनी लड़ाइयां लड़ीं। समाज में ऐसे जागरूक और जुझारू लोगों की मौजूदगी जरूरी है जो सिस्टम की गलतियों को उजागर करें और जनता के हित में कदम उठाएं। केंद्रीय मंत्री ने कहा- ये लोग सिर्फ विरोध करने के लिए नहीं, बल्कि जनहित में काम कर रहे थे। इन लोगों ने अदालत के माध्यम से सरकार की जवाबदेही तय की और साबित किया कि लोकतंत्र में जागरूक नागरिकों की कितनी अहम भूमिका होती है। कई बार ऐसा हुआ कि जब लोग अदालत गए तो सरकार को अपने किसी फैसले से पीछे हटना पड़ा। ......................... नितिन गडकरी से जुड़ी खबरें... गडकरी बोले- जो करेगा जात की बात, उसको मारूंगा लात: मंत्री पद नहीं मिला तो मर नहीं जाऊंगा, लेकिन अपने सिद्धांत पर अटल रहूंगा केंद्रीय रोड और ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर नितिन गडकरी अपने बयानों को लेकर हमेशा चर्चा में रहते हैं। नागपुर में शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, 'जो करेगा जात की बात, उसको मारूंगा कस के लात।' मैं धर्म और जाति की बातें सार्वजनिक रूप से नहीं करता। पूरी खबर पढ़ें... नितिन गडकरी बोले- राजा ऐसा हो, जो आलोचना झेल सके:उस पर आत्मचिंतन करें, यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी परीक्षा नितिन गडकरी ने कहा कि राजा (शासक) को ऐसा होना चाहिए कि कोई उसके खिलाफ बात करे, तो उसे बर्दाश्त करे। आलोचनाओं का आत्मचिंतन करे। यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी परीक्षा होती है। उन्होंने ये बातें पुणे में MIT वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी में पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में कही। पूरी खबर पढ़ें...