अजनाला थाना कांड केस अमृतसर शिफ्ट:डिब्रूगढ़ जेल से लाए 9 आरोपी डिस्ट्रिक कोर्ट पहुंचे; बाजेके बोला-अमृतपाल के नशा करने का बयान झूठा

अजनाला थाना कांड केस अमृतसर शिफ्ट:डिब्रूगढ़ जेल से लाए 9 आरोपी डिस्ट्रिक कोर्ट पहुंचे; बाजेके बोला-अमृतपाल के नशा करने का बयान झूठा
पंजाब के अजनाला थाने पर हमले के ढाई साल बाद अब मामले की सुनवाई अमृतसर की डिस्ट्रिक कोर्ट में चलेगी। मामले को अजनाला कोर्ट से अब अमृतसर शिफ्ट कर दिया गया है। जिसके बाद वीरवार को अमृतपाल सिंह के सभी 9 साथियों सहित कुल 39 आरोपियों को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए गए। ये सुनवाई अजनाला पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर नंबर 39/2023 के तहत चल रही है। मिली जानकारी के अनुसार, मामले में चार्ज फ्रेमिंग को लेकर आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। न्यायाधीश ने सभी आरोपियों को फिजिकली कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए थे। कोर्ट पहुंचे अमृतपाल सिंह के साथ प्रधानमंत्री बाजेके ने मीडिया को देखते ही शोर मचाना शुरू कर दिया। बाजेके बोला- राज करेगा खालसा। ये जो इल्जाम लगाए हैं कि प्रधानमंत्री बाजेके कह रहा, भाई साहिब (अमृतपाल सिंह) नशा करता है, बिल्कुल झूठ है। इन्होंने मारपीट कर हजारों पेपरों पर साइन करवाए हैं। नशे वाले बयान, लड़कियों वाले बयान, सभी गलत हैं। एडवोकेट रीतू राज ने जानकारी देते हुए बताया कि, कुल 39 नामजद व्यक्तियों को आज अदालत में पेश किया गया है। अमृतपाल ने साथियों के साथ किया था थाने पर हमला अजनाला पुलिस स्टेशन पर 23 फरवरी 2025 को 'वारिस पंजाब दे' के जत्थेदार अमृतपाल सिंह ने अपने समर्थकों के साथ हमला किया था। इस मामले में FIR नंबर 39 दर्ज है। पुलिस ने इसी मामले में अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार कर NSA लगाकर डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया था। दो साल तक अमृतपाल 9 साथियों के साथ डिब्रूगढ़ में बंद था, लेकिन तीन महीने पहले उसके 9 साथियों से एनएसए हटाकर पंजाब लाया गया। अमृतपाल सिंह का एनएसए तीसरी बार बढ़ा दिया गया। साथी तूफान के लिए पहुंचा था अमृतपाल अजनाला पुलिस स्टेशन पर 'वारिस पंजाब दे' के जत्थेदार अमृतपाल के हजारों समर्थकों ने हमला कर दिया था। हमलावर तलवार और बंदूकें साथ लाए थे। उनके पास श्री गुरुग्रंथ साहिब की पवित्र भीड़ भी थी। ऐसे में जवान पीछे हट गए। टीवी चैनल को दिए बयान में पुलिस ने एक्शन ना लेने की यही वजह बताई। अमृतपाल सिंह अपने समर्थक लवप्रीत तूफान के खिलाफ केस दर्ज करने का विरोध कर रहा था। उसने प्रदर्शन का ऐलान किया था। कई घंटों तक अजनाला थाना अमृतपाल सिंह और उसके साथियों के कब्जे में रहा। अंत में पुलिस ने लवप्रीत तूफान को छोड़ने का फैसला लिया था।